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परवान चढ़ता है ‘दूसरा आदमी, दूसरी औरत’ का प्रेम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 27 Apr 2014 10:24 AM IST
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पांचवें नेशनल थिएटर फेस्टिवल के दूसरे दिन सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में नाटक ‘दूसरा आदमी, दूसरी औरत’ का मंचन किया गया। इसमें बंधनों से आजाद प्रेम को दिखाया गया।
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रवि मोहन निर्देशित इस नाटक को देखने के लिए ट्राइसिटी के काफी लोग पहुंचे। यह फेस्टिवल रास कला मंच और संगीत नाटक कला अकादमी चंडीगढ़ के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है।
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नाटक की कहानी दो किरदारों की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है। ये हैं पूजा दास और संभव सिंह। पूजा मुंबई में एक एड एजेंसी में नौकरी करती है। संभव उसी एजेंसी का मालिक है। दोनों की मुलाकातें प्यार का रूप ले लेती है।
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पूजा हालांकि अपने पति को छोड़ कर आई है और संभव का अपना परिवार है लेकिन वह पूजा की तरफ खिंचा चला जाता है। दोनों का प्यार परवान चढ़ता है। संभव पूजा को कहता है कि उनके रिश्ते का पता उसकी पत्नी को न चले। नाटक के अंत में दोनों शादी किए बगैर एक-दूसरे के साथ हमेशा इसी तरह रहने का वादा करते हैं।