NIA का एक्शन प्लान: उत्तर भारत के कुख्यात गैंगस्टर दक्षिण भारत की जेलों में होंगे शिफ्ट, गृह मंत्रालय को लिखा
पंजाब की जेलों में कई कुख्यात गैंगस्टर बंद हैं। इनमें पंजाब पुलिस के मुख्यालय पर हुए हमले के सारे आरोपी शामिल हैं। गैंगस्टर टीनू, गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया समेत कई कुख्यात भी पंजाब की जेलों में बंद हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब समेत उत्तरी भारत के कई राज्यों की जेलों से ही अपना नेटवर्क चला रहे कुख्यात गैंगस्टरों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शिकंजा कसने की नई रणनीति तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक एनआईए ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक पत्र लिखा है। इसमें पंजाब समेत उत्तर भारत के कई राज्यों की जेलों में बंद करीब 25 गैंगस्टरों को दक्षिण भारत की जेलों में शिफ्ट करने को कहा है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस दिशा में कार्रवाई हो सकती है।
एनआईए की जांच में जैसे ही यह बात सामने आई थी कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की जेलों में बंद गैंगस्टरों के संबंध विदेश में बैठे आतंकियों से हैं, उस दिन से ही एनआईए इस गठजोड़ को तोड़ने में जुट गई थी। सूत्रों की माने तो जेलों में गैंगस्टरों के मददगार भी सरकारी मुलाजिम बन रहे हैं, यह बात भी सामने आ चुकी है।
कुछ राज्यों में सीनियर पुलिस मुलाजिमों पर कार्रवाई तक हुई है। ऐसे में अब इस दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसमें पहले चरण में गैंगस्टरों की पहचान की गई। इन गैंगस्टरों को दक्षिण के राज्यों में शिफ्ट करने के पीछे की एक वजह यह भी है कि वहां पर इन लोगों के लिए भाषा बाधक बनेगी।
दूसरा वहां पर कोई भी कदम उठाने से पहले सोचेंगे क्योंकि उन्हें वहां नेटवर्क बनाना आसान नहीं होगा। आने वाले दिनों में मंत्रालय द्वारा राज्यों से राय ली जाएगी। हालांकि नेशनल सिक्योरिटी एक्ट में शातिर अपराधियों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट करने का प्रावधान है।
पहले भी शिफ्ट किए जा चुके हैं अपराधी
अगर गैंगस्टरों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट करने पर सहमति बनती है तो यह नई बात नहीं होगी, इससे पहले 2019 में भी ऐसी स्थिति बनी थी। जब कठुआ जेल में बंद एक दर्जन से अधिक आरोपियों को सुरक्षा कारणों के कारण पंजाब एवं हरियाणा की जेलों में भेजा गया था। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत बंद 26 कैदियों को अनुच्छेद- 370 को खत्म करने के बाद श्रीनगर से आगरा केंद्रीय जेल में भेजा गया था। इसी तरह 2018 में करीब 40 आतंकियों को श्रीनगर से अन्य जिलों की जेलों में भेजा गया था।
पंजाब में हाई सिक्योरिटी जेल बनाने की भी है तैयारी
गैंगस्टरों व आतंकियों पर शिकंजा कसने के लिए राज्य व केंद्र सरकार पहले ही एक हाई सिक्योरिटी जेल बनाने की योजना पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले को लेकर पंजाब सरकार व एनआईए के उच्च अधिकारियों की मीटिंग भी चुकी है। इस जेल पर सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें अधिकतर राशि केंद्र सरकार मुहैया करवाएगा। इस जेल में सारे आरोपियों के अलग-अलग सेल होंगे, ताकि गैंगस्टरों का आपस में तालमेल न हो सके। इसमें हरियाणा व पंजाब के गैंगस्टरों के लिए सांझी जेल हो सकती है।
पंजाब की जेलों में बंद हैं कुख्यात गैंगस्टर
पंजाब की जेलों में कई कुख्यात गैंगस्टर बंद हैं। इनमें पंजाब पुलिस के मुख्यालय पर हुए हमले के सारे आरोपी शामिल हैं। गैंगस्टर टीनू, गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया समेत कई कुख्यात पंजाब की जेलों में बंद हैं। इसके अलावा लॉरेंस बिश्नोई को कुछ दिन पहले ही एनआईए ने दिल्ली में शिफ्ट किया है।