पायलट प्रोजेक्ट: ये पेवर ब्लॉक बढ़ाएंगे शहर में पार्कों की हरियाली
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शहर में अब ग्रासी पेवर ब्लॉक लगेंगे। इनसे न तो पानी का ग्राउंड लेवल गिरेगा, न इन पर पार्किंग से कोई दिक्कत होगी। ये हरियाली बढ़ाने के साथ ही शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाएंगे। बुधवार को इस पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ सेक्टर-27 डी से किया गया। यहां पर इन पेवर ब्लॉक को लगाने का काम शुरू हुआ। एक माह में इनके बीच मिट्टी भरकर घास उगा दी जाएगी। अगर यह प्रोजक्ट सफल रहा तो इसे पूरे शहर में लॉन्च किया जाएगा।
इसलिए पड़ी जरूरत
मालूम हो कि इस समय शहर में पेवर ब्लॉक लगाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगी है, क्योंकि ये हरियाली और ग्राउंड लेवल के लिए खतरा बन गए हैं, लेकिन इसके बावजूद पार्षद कंकरीट के पेवर लगाने के लिए दबाव डाल रहे हैं। इसलिए नए तरीके के पेवर लगाने के प्रोजेक्ट को लॉन्च किया गया है। इस समय शहर में हर साल टयूबवेल के पानी का ग्राउंड लेवल डेढ़ से दो मीटर हर साल गिर रहा है, जबकि 220 ट्यूबवेल से शहर के 25 प्रतिशत लोग अपनी प्यास बुझातें हैं।
18 लाख से लग रहे ग्रासी पेवर ब्लॉक
यह पायलट प्रोजेक्ट भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह के वार्ड में शुरू हुआ है। इस पर वार्ड डेेवलपमेंट फंड से 18 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इंजीनियरिंग विंग के अनुसार अभी हरे रंग की मजबूत प्लास्टिक के डिजाइन का सांचा डाला जा रहा है। इसके बीच में गेप है और इसी गेप में घास उगाई जाएगी। इसके ऊपर वाहन पार्क हो पाएंगे।
एसई के सुझाव पर किया लॉन्च, रेट में भी कोई फर्क नहीं
यह पायलट प्रोजेक्ट निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर (एसई) एनपी शर्मा के सुझाव पर लॉन्च किया गया है। यह ग्रासी पेवर ब्लॉक पूरी तरह से लगने के बाद इसे मुख्य वास्तुकार और पर्यावरण निदेशक भी देखने आएंगे। इंजीनियरिंग विंग के अनुसार पहले से लगे कंकरीट के पेवर ब्लॉक और ग्रासी पेवर के रेट में कोई फर्क नहीं है।
चाहे जितना मर्जी एरिया में लग जाएं यह पेवर
इससे पहले जो शहर में कंकरीट के पेवर ब्लॉक लगाए गए हैं। उनके लिए यह पॉलिसी थी कि वह छह फुट की चौड़ाई से ज्यादा नहीं लगा सकते, जबकि ग्रीन पेवर ब्लॉक पर यह शर्त लागू नहीं होती।
टो वाल का खर्च भी बचेगा
वार्ड पार्षद सतिंदर सिंह का कहना है कि पार्कों के चारों ऐसे पेवर ब्लॉक लगने से टो वॉल का खर्च भी बचेगा, क्योंकि इस समय रेलिंग हटाकर टो वाल इसलिए लगाई जाती है कि ताकि पार्क के अंदर गंदगी न जाए, लेकिन अब पार्क के अंदर और बाहर एक सामान हरियाली दिखाई देगी।
सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि यह नए तरह के पेवर ब्लॉक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लगाए गए हैं। इनसे जमीन के अंदर जहां पानी की निकासी हो पाएगी। वहीं इसके ऊपर वाहन भी पार्क हो पाएंगे। इन ग्रासी पेवर के ऊपर चाहे फायर टेंडर को भी पार्क कर दिया जाए, इनकी मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा।
ओपन एयर जिम का कन्सेप्ट भी शर्मा लाए
इससे पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सेक्टर-16 के शांति कुंज में शुरू हुआ ओपन एयर जिम भी एसई एनपी शर्मा के आइडिया की देन है। इस समय ओपन एयर जिम में इतनी भीड़ होती है कि अन्य वार्डों के रेजिडेंट्स अपने एरिया के पार्कों में ओपन एयर जिम के निर्माण की मांग कर रहे हैं।