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लंदन में पति और अमेरिका में है पत्नी, हाईकोर्ट ने कहा- विवाह पंजीकरण के लिए भौतिक मौजूदगी अनिवार्य नहीं
Fri, 19 Mar 2021 10:35 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 19 Mar 2021 10:35 PM IST
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दुल्हन की प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि तकनीक के इस दौर में अब विवाह पंजीकरण के लिए भौतिक मौजूदगी अनिवार्य नहीं है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विवाह पंजीकरण की छूट देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने विदेश में रह रहे दंपती की याचिका का निपटारा कर दिया।
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गुरुग्राम निवासी अमी रंजन और उनकी पत्नी मिशा वर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि वे दोनों अलग-अलग देश में रहते हैं। अमी रंजन जहां लंदन में है तो उनकी पत्नी मिशा वर्मा अमेरिका में कार्यरत हैं। याची ने बताया कि उनका विवाह 2019 में गुरुग्राम में हुआ था। विवाह के बाद दोनों अपने-अपने कार्यस्थल वाले देश चले गे
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अमी ने हाईकोर्ट को बताया कि उसे उसकी पत्नी से मिलने अमेरिका जाना था और इसके लिए जब वीजा आवेदन किया गया तो विवाह प्रमाणपत्र की मांग की गई। जब गुरुग्राम में विवाह प्रमाण पत्र अधिकारी को आवेदन किया तो उन्होंने कहा कि उन्हें खुद आकर पेश होना होगा और हस्ताक्षर करने होंगे।
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याची ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की बात कही तो अधिकारी ने इससे इनकार कर दिया। इसे याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी लेकिन सिंगल बेंच ने याचिका खारिज कर दी। इसे खंडपीठ में चुनौती दी गई तो खंडपीठ ने याची के हक में फैसला सुनाया। खंडपीठ ने फैसले में कहा कि इस मामले में याची पेशी से छूट नहीं मांग रहे बल्कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की अनुमति मांग रहे हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि आज का दौर प्रौद्योगिकी का है और जब केस में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुआ जा सकता है तो विवाह पंजीकरण के लिए भी यह वैध है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी तथा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ हाईकोर्ट ने दोनों के विवाह पंजीकरण की अनुमति दे दी है। हालांकि गवाहों के रूप में रिश्तेदारों की पंजीकरण के समय भौतिक मौजूदगी अनिवार्य होगी।