फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   pgi, pgi Chandigarh, double vision problem, pgi Neurology, Weakness in the legs, chandigarh

डबल विजन या पैरों में कमजोरी महसूस हो तो क्या करें, जानिए

Fri, 03 Jun 2016 08:00 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 03 Jun 2016 08:00 PM IST
विज्ञापन
pgi, pgi Chandigarh, double vision problem, pgi Neurology, Weakness in the legs, chandigarh
स्वास्थ्य केंद्रों से रिलीव हो चुके कई एमबीबीएस डॉक्टरों को दोबारा वहीं सेवाएं देने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
अगर गर्म पानी से नहाते वक्त आंखों के सामने अंधेरा छा जाए, डबल विजन, पैर या हाथ सुन्न पड़ जाए या फिर पैरों में कमजोरी दिखने लगे तो जल्द से जल्द न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरती तो नुकसान की भरपाई करना मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन


ये लक्षण मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एमएस) के हैं। यह एक क्रोनिक बीमारी होती है, जो मस्तिष्क , रीढ़ और आंखों की ऑप्टिक तांत्रिकाओं को प्रभावित करती है। शुक्रवार को पीजीआई की न्यू ओपीडी में एक प्रेसवार्ता के दौरान न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर धीरज खुराना, डॉ. मनीष मोदी और डॉ. मनोज गोयल ने एमएस के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि यह एक ऑटोइम्यून रोग होता है, जिसमें रोगप्रतिरोधक प्रणाली ऐसी कोशिकाएं और प्रोटीन (एंटीबॉडीज) बनाती हैं, जो मायलिन को नुकसान पहुंचाती है। मायलिन एक वसायुक्त तत्व है, जो नर्वस के चारों तरफ होता है और उसकी रक्षा करता है। जब मायलिन को नुकसान पहुंचता है तो नर्वस सिस्टम भी प्रभावित होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं में रोग की ज्यादा आशंका
प्रोफेसर धीरज खुराना का कहना है कि यह रोग मुख्य रूप से महिलाओं में होता है। कुल केसों में सिर्फ दस प्रतिशत पुरुषों में होता है। इससे प्रभावित होने वाले मरीजों की उम्र मात्र 20-40 वर्ष होती है। इस रोग के क्या कारण हैं, उसके बारे में फिलहाल अब तक पता नहीं चल पाया है। इसके हार्मोनल और जेनेटिक कारण हो सकते हैं।

ये हैं लक्षण
1. एक आंख की नजर का चला जाना
2. डबल विजन दिखना
3. हाथ या पैर में कमजोरी आना
4. दोनों टांगों में एक साथ कमजोरी का आना
5. गर्म पानी से नहाते वक्त आंखों के सामने धुंधलापन छाना

क्या करना चाहिए मरीज को
प्रोफेसर धीरज खुराना बताते हैं कि अगर ऐसा कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाएं। इसमें जितनी जल्दी रोग का पता चलता है, उतनी जल्दी उसे रिकवर करने में आसानी होती है। देरी होने पर अपंगता बढ़ती जाती है। इसमें एक बार अटैक नहीं बल्कि बार-बार आता रहता है। इसे रोकने के लिए बाजार में दवाएं मौजूद हैं। दवाओं का काम अटैक को रोकना होता है।

पीजीआई में खुला है स्पेशल क्लीनिक
एमएस पेशेंट को स्पेशल केयर की जरूरत पड़ती है। इसी को ध्यान में रखकर पीजीआई के न्यूरोलाजी डिपार्टमेंट ने इसी साल एमएस क्लीनिक खोला गया है। जनवरी से लेकर अब तक 34 पेशेंट रजिस्टर्ड किए जा चुके हैं। इससे पहले 100 से ज्यादा पेशेंट पहले से ही रजिस्टर्ड हैं। स्पेशल क्लीनिक में न्यूरोलॉजिस्ट, फिजियोथैरेपिस्ट, काउंसलर और साइक्रेटिस्ट सहित कई अन्य विशेषज्ञ बैठते हैं। यह क्लीनिक हर माह के दूसरे व चौथे वीरवार को खुलता है। इस क्लीनिक से मरीजों को फायदा मिल रहा है।

दवाई महंगी है, इसलिए छोड़ देते हैं इलाज
डाक्टरों ने बताया कि इसका इलाज काफी महंगा होता है। आठ हजार रुपये से लेकर 60 हजार रुपये तक का खर्च आता है। शुरुआती सालों में खर्च ज्यादा आता है। ऐसे में मरीज बीच में ही इलाज छोड़ जाते हैं। इस बीमारी का सबसे दुखद हिस्सा यही है कि इसमें ट्रीटमेंट जीवन भर चलता है।


रविवार को दी जाएगी डॉक्टरों को ट्रेनिंग
प्रोफेसर धीरज खुराना ने बताया कि रविवार को मल्टीपल स्क्लेरोसिस से संबंधित एक ट्रेनिंग सेशन रखा गया है। इसमें पीजीआई के सीनियर रेजिडेंस और न्यूरोलॉजिकल सोसायटी के सदस्यों को एमएस के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी, ताकि वह पेशेंट की अच्छी तरह से जांच कर पाएं। सेशन में सभी एक्सपर्ट होंगे और उनके कई लेक्चर प्रोग्राम भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed