गजब, घातक बीमारियों से बचाता है शरीर का यह जीन
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पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च में नए जीन का पता लगा है। पैंतीस हजार जीन में से यह एकमात्र ऐसा जीन है, जिसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता सबसे ज्यादा है। यह जीन विभिन्न घातक बीमारियों से लड़ने में सक्षम है। पीजीआई के एक्सटर्नल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रो. दीपक कौल ने बताया कि मानव शरीर में 35 हजार जीन हैं। इनमें से सिर्फ पांच सौ जीन ही खोजे जा सके हैं।
कई खूबियां हैं इस जीन में
इस जीन को एमआईआर-2909 नाम दिया गया है। यह माइक्रो आरएनए (राइबोन्यूक्लिक एसिड) मानव शरीर की टी-सेल की क्षमता बढ़ाता है। इसकी खूबी है कि यह ऑटो इम्यून डिजीज और कोरोनरी हार्ट और कैंसर से बचाता है। यह जीन अन्य ग्यारह सौ जीन को नियंत्रित करता है। प्रो. दीपक ने बताया यह जीन दस साल की मेहनत का नतीजा है। दावा किया कि देश की स्वतंत्रता के बाद पहला मौका है कि देश में यह खोज हुई है।
रिसर्च जारी, यह मास्टर स्विच
प्रोफेसर दीपक कौल ने कहा कि यह तो शुरुआत है, रिजल्ट अब दिखाई देंगे। इस पर रिसर्च जारी है। पता करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि यह जीन मानव शरीर में क्या-क्या नियंत्रित करता है। साथ यह भी जानने के प्रयास किए जा रहे हैं कि कैंसर और अन्य बीमारियों को इससे कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह मास्टर स्विच है, जिसकी मौजूदगी और परिपक्वता शरीर को रोग मुक्त रखती है।
ग्यारह सौ जीन को कंट्रोल करता है यह जीन
पीजीआई, चंडीगढ़ के डिपार्टमेंट ऑफ एक्टर्नल मेडिसिन प्रो. दीपक कौल ने बताया कि एमआईआर-2909 का स्वरूप करीब 22-24 न्यूट्रोटाइड का है। यह सभी मानव शरीर में होता है और अन्य जीन की अपेक्षा इनकी संख्या दोगुना अधिक होती है। उन्होंने बताया कि, 'मैंने अपनी रिसर्च में पाया है कि कई जीन हैं, जिनसे बॉडी को गवर्न किया जाता है। उनमें से यह भी एक जीन है। इसकी खूबी यह है कि यह ग्यारह सौ जीन को कंट्रोल करता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।'