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चंडीगढ़ में पीजी पॉलिसी नोटिफिकेशन जारी, हर साल रिन्यू कराना होगा लाइसेंस, और भी कई शर्तें
Thu, 12 Mar 2020 12:25 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2020 12:25 PM IST
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यूटी प्रशासन ने शहर में पीजी पॉलिसी की अधिसूचना जारी कर दी है। पॉलिसी के अनुसार अब सभी पीजी के लिए फायर क्लीयरेंस अनिवार्य होगा। अब सिर्फ एक बार नहीं बल्कि हर साल पीजी के लाइसेंस को रिन्यू कराना होगा। इन सभी के अलावा प्रशासन अब एक पीजी में छात्रों की संख्या को तय करने पर भी जल्द ही फैसला लेगा।
नई पॉलिसी के अनुसार संचालकों की तरफ से किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीजी संचालकों को क्षतिपूर्ति सर्टिफिकेट भी प्रशासन को देना होगा। इसके अलावा एक नई तरह की कैटेगरी भी जल्द ही लाई जाएगी, जिसमें मकान मालिक प्रशासन की तरफ से बनाए जाने वाले विभिन्न नियमों को पूरा करने के बाद अपनी बिल्डिंग को हॉस्टल के तौर पर दे सकेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि इस बारे में नियम बनाए जा रहे हैं। जल्द ही इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। प्रशासन की तरफ से यह साफ किया गया है कि जो भी पीजी साढ़े सात मरले से कम के मकान में चलाया जा रहा है, उसे सील करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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एक किराया तय करने का फैसला भी जल्द
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूटी प्रशासन के पास किराए पर रहने वाले लोगों की तरफ से भी कई शिकायतें पहुंची है कि मकान मालिक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। ऐसे लोगों पर भी नकेल कसने के लिए कार्रवाई की मांग की जा रही है। बताया कि यूटी प्रशासन एक किराया तय करने पर भी विचार कर रहा है, इस बारे भी जल्द नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी।
इसके अलावा किराया पर रहने वाले किरायेदारों के लिए मकान मालिक शेयरिंग में बाथरूम व टॉयलेट नहीं दे सकेंगे। एक किरायेदार को सभी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।
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नई पॉलिसी के अनुसार संचालकों की तरफ से किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीजी संचालकों को क्षतिपूर्ति सर्टिफिकेट भी प्रशासन को देना होगा। इसके अलावा एक नई तरह की कैटेगरी भी जल्द ही लाई जाएगी, जिसमें मकान मालिक प्रशासन की तरफ से बनाए जाने वाले विभिन्न नियमों को पूरा करने के बाद अपनी बिल्डिंग को हॉस्टल के तौर पर दे सकेंगे।
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अधिकारियों ने बताया कि इस बारे में नियम बनाए जा रहे हैं। जल्द ही इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। प्रशासन की तरफ से यह साफ किया गया है कि जो भी पीजी साढ़े सात मरले से कम के मकान में चलाया जा रहा है, उसे सील करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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एक किराया तय करने का फैसला भी जल्द
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूटी प्रशासन के पास किराए पर रहने वाले लोगों की तरफ से भी कई शिकायतें पहुंची है कि मकान मालिक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। ऐसे लोगों पर भी नकेल कसने के लिए कार्रवाई की मांग की जा रही है। बताया कि यूटी प्रशासन एक किराया तय करने पर भी विचार कर रहा है, इस बारे भी जल्द नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी।
इसके अलावा किराया पर रहने वाले किरायेदारों के लिए मकान मालिक शेयरिंग में बाथरूम व टॉयलेट नहीं दे सकेंगे। एक किरायेदार को सभी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।