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बापूधाम के सील पॉकेट के लोगों का टूट रहा सब्र, प्रदर्शन
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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने बापूधाम के 12 पॉकेट को खोल दिए हैं, लेकिन अभी भी 8 पॉकेट के लोग घरों में कैद हैं। इनमें रहने वाले हजारों लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है। सोमवार को इन इलाकों में रहने वाले लोगों ने अपने घरों का कचरा सड़कों पर फेंक दिया और प्रदर्शन करने लगे। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इलाके को खोलने की मांग की। लोगों ने कहा कि प्रशासन अगर जल्द इलाके को नहीं खोलेगा तो वह आंदोलन पर उतर आएंगे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बापूधाम के पॉकेट नंबर-15 को पिछले करीब दो महीने से सील किया गया है। पिछले कई दिनों से यहां कोई केस नहीं आया है, बावजूद इसके लोगों को कैद कर रखा गया है। यहां रहने वाले लोग कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लोगों ने बताया कि कई लोगों को उनके मालिक ने नौकरी से निकाल दिया है। इसके अलावा कुछ लोगों को कंपनी बुला रही है, लेकिन एरिया के सील होने की वजह से वह काम पर नहीं जा पा रहे हैं। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति उन लोगों की है, जो किराये पर रहते हैं। पिछले तीन महीने से कोई काम नहीं हुआ है, ऐसे में वह मकान का किराया कैसे भरें। प्रशासन इस बारे में कुछ नहीं सोच रहा है। इन सभी मांगों को लेकर ही सोमवार सुबह लोग सड़कों पर उतर आए। काफी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकले और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। लोगों ने गुस्से में आकर अपने घर के कूड़े को सड़क पर फेंक दिया।
लोगों ने सब्जी-फल खरीदने से भी किया इनकार
लोगों ने सुबह प्रशासन की ओर से बस में भेजे फल व सब्जी को खरीदने से भी इनकार कर दिया। लोगों ने कहा कि जब कॉलोनी के अन्य भागों को खोला जा सकता है तो इसी पॉकेट को क्यों नहीं खोला जा रहा है। लोगों का कहना था कि उनके पॉकेट से पिछले 20 से ज्यादा दिनों से कोई नया कोरोना पॉजिटिव केस नहीं आया है फिर भी लोगों को घरों में कैद किया गया है। लोगों के प्रदर्शन को रोकने के लिए मौके पर पुलिस पहुंची और बड़ी मुश्किल से उन्हें घरों में वापस भेजा। डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल ने लोगों को समझाया। गौरतलब है कि इलाके को प्रशासन की ओर से कई दिनों से कंटेनमेंट एरिया घोषित कर बंद किया गया है। प्रशासन ने लोगों की मुश्किलों को देखते हुए चरणबद्ध ढंग से बापूधाम की कुछ पॉकेट को खोला है।
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जहां 28 दिन तक केस नहीं, उन्हीं पॉकेट को खोला जा सकता है
सोमवार के प्रदर्शन को लेकर जब प्रशासन के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नियमानुसार केवल उन्हीं इलाकों को खोला जा सकता है, जहां लगातार 28 दिन तक कोई कोरोना संक्रमण का मामला न आए। बताया कि जिस पॉकेट में प्रदर्शन हुआ है, वहां अभी सिर्फ 20 दिन ही हुए हैं। उनका कहना था कि इस इलाके के लोगों को हर सहायता पहुंचाई जा रही है और जो लोग निजी कारखानों या ठेकेदार के पास काम करते हैं, उनसे वेतन भी दिलाए जा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि बापूधाम के पॉकेट नंबर-15 को पिछले करीब दो महीने से सील किया गया है। पिछले कई दिनों से यहां कोई केस नहीं आया है, बावजूद इसके लोगों को कैद कर रखा गया है। यहां रहने वाले लोग कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लोगों ने बताया कि कई लोगों को उनके मालिक ने नौकरी से निकाल दिया है। इसके अलावा कुछ लोगों को कंपनी बुला रही है, लेकिन एरिया के सील होने की वजह से वह काम पर नहीं जा पा रहे हैं। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति उन लोगों की है, जो किराये पर रहते हैं। पिछले तीन महीने से कोई काम नहीं हुआ है, ऐसे में वह मकान का किराया कैसे भरें। प्रशासन इस बारे में कुछ नहीं सोच रहा है। इन सभी मांगों को लेकर ही सोमवार सुबह लोग सड़कों पर उतर आए। काफी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकले और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। लोगों ने गुस्से में आकर अपने घर के कूड़े को सड़क पर फेंक दिया।
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लोगों ने सब्जी-फल खरीदने से भी किया इनकार
लोगों ने सुबह प्रशासन की ओर से बस में भेजे फल व सब्जी को खरीदने से भी इनकार कर दिया। लोगों ने कहा कि जब कॉलोनी के अन्य भागों को खोला जा सकता है तो इसी पॉकेट को क्यों नहीं खोला जा रहा है। लोगों का कहना था कि उनके पॉकेट से पिछले 20 से ज्यादा दिनों से कोई नया कोरोना पॉजिटिव केस नहीं आया है फिर भी लोगों को घरों में कैद किया गया है। लोगों के प्रदर्शन को रोकने के लिए मौके पर पुलिस पहुंची और बड़ी मुश्किल से उन्हें घरों में वापस भेजा। डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल ने लोगों को समझाया। गौरतलब है कि इलाके को प्रशासन की ओर से कई दिनों से कंटेनमेंट एरिया घोषित कर बंद किया गया है। प्रशासन ने लोगों की मुश्किलों को देखते हुए चरणबद्ध ढंग से बापूधाम की कुछ पॉकेट को खोला है।
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जहां 28 दिन तक केस नहीं, उन्हीं पॉकेट को खोला जा सकता है
सोमवार के प्रदर्शन को लेकर जब प्रशासन के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नियमानुसार केवल उन्हीं इलाकों को खोला जा सकता है, जहां लगातार 28 दिन तक कोई कोरोना संक्रमण का मामला न आए। बताया कि जिस पॉकेट में प्रदर्शन हुआ है, वहां अभी सिर्फ 20 दिन ही हुए हैं। उनका कहना था कि इस इलाके के लोगों को हर सहायता पहुंचाई जा रही है और जो लोग निजी कारखानों या ठेकेदार के पास काम करते हैं, उनसे वेतन भी दिलाए जा रहे हैं।