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पंजाब में कच्ची शराब का गोरखधंधा, आबकारी विभाग और पुलिस की मिलीभगत से चलती भट्ठियां

Sun, 02 Aug 2020 01:32 PM IST
खुशबू गोयल सुरिंदर पाल, जालंधर
सुरिंदर पाल, जालंधर Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 02 Aug 2020 01:32 PM IST
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People Died due to Poisonous Wine in Punjab, Illegal Wine Business
सांकेतिक तस्वीर
सतलुज दरिया के किनारे बसे एक दर्जन गांवों में खुलेआम देसी शराब बनाने का कारोबार चल रहा है। स्थानीय आबकारी व देहात की पुलिस की मिलीभगत से तस्कर खुलेआम शराब की सप्लाई घर के दरवाजे तक कर रह हैं। फिल्लौर से शुरू होकर शाहकोट तक दरिया का साथ लगता इलाका तस्करों के लिए पूरी तरह से वरदान बन चुका है।
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गांव थम्मूवाल,बाऊपुर,रामपुर, दानेवाल, भोयपुर, छन्ना गोडे, धर्मे की छन्नास कैमवाला, उमरेवाल, शोले, बीकला, संगोवाल गांव में शराब का कारोबार जोरों पर है। पिछले साल फिल्लौर पुलिस ने पुलिस ने सुबह 4 बजे दबिश देकर 20 हजार लीटर लाहन, 3 हजार लीटर केमिकल, 500 लीटर देसी शराब और गैस सिलेंडर से चलने वाली 3 भट्ठियां नष्ट की थी।
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तस्करों का नया तरीका सामने आया था कि उन्होंने लकड़ी की जगह गैस से चलने वाली भट्ठियां लगा ली हैं, जिससे वह एक रात में 10 से 15 लाख रुपये की शराब तैयार करते थे। पिछले साल मार्च में भी लोकसभा चुनावों से कुछ दिन पहले कच्ची शराब (लाहन) तैयार करने का कारोबार करने वाले चार युवकों को गिरफ्तार कर लगभग 60 क्विंटल कच्ची शराब को नष्ट किया गया था। दोषियों की पहचान लड्डू, गुरमेल सिंह, करनैल सिंह और दर्शन सिंह निवासी गांव बूटे महतपुर के तौर पर हुई है।
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दरिया में बने टापू पर पकड़ी गई थी देसी शराब की फैक्टरी

हरिके में ब्यास और सतलुज के बीचोबीच बने टापू पर अवैध देशी शराब बनाने की फैक्टरी चलाई जा रही थी। करीब 1.60 लाख लीटर लाहन, 50 बोतल देशी शराब, 12 खाली ड्रम, 15 तिरपाल, 4 बड़े पतीलों समेत भारी मात्रा में शराब बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री बरामद हुई।

शराब माफिया ने एक्साइज और पुलिस की आंखें में धूल झोंकने के लिए इस टापू को अवैध शराब तैयार करने के लिए चुना था, क्योंकि यह फिरोजपुर और तरनतारन की सीमा पर है। यही नहीं यह जगह हरिके की तरफ ब्यास के किनारे से करीब एक किलोमीटर अंदर थी। इसलिए यहां पुलिस आसानी से नहीं पहुंच पाती थी।

सीएम की चेतावनी के बाद दो दिन चला आपरेशन
कैप्टन अमरिंदर सिंह की चेतावनी के बाद सिर्फ दो दिन आपरेशन चला और अब फिर से कच्ची शराब खुलेआम सतलुज किनारे तैयार हो रही है। सीएम की चेतावनी के बाद थाना फिल्लौर, बिलगा, मेहतपुर, लोहियां और शाहकोट की पुलिस को एक साथ रेड करने के आदेश दिए गए। एक्साइज विभाग की टीम भी साथ रही।

आलोवाल के पास पुलिस ने 70 हजार लीटर नष्ट करवाई। लोहियां पुलिस ने गांव असलमैलपुर में गुरप्रीत सिंह और सुरिंदर सिंह के पास से 80-80 किलो लाहन बरामद हुई। मेहतपुर पुलिस ने गांव बीटला में रेड कर गुरमेज सिंह, हरबंस सिंह, कुलदीप सिंह को पकड़ा। अब पुलिस दोबारा सुस्त हो गई है और किनारों पर शराब तेजी से तैयार होने लगी है।
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