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चंडीगढ़: कार्डियक वार्ड में एक साथ हो रहा पांच विभागों के मरीजों का इलाज, सरकारी अस्पताल में व्यवस्था बेहाल

Sun, 19 Sep 2021 04:52 PM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ 
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़  Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 19 Sep 2021 04:52 PM IST
सार

मनोरोगियों के बीच भर्ती मरीज डर के साये में इलाज कराने को मजबूर हैं। उन मरीजों के साथ ही उनके परिजनों को हर वक्त किसी अनहोनी का डर सता रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन इसे कोविड के कारण की गई व्यवस्था का नाम दे रहा है।

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Patients are Upset by System of Treatment in Chandigarh Government Medical College and Hospital Sector 32 
जीएमसीएच 32 में बैठे मरीजों के तीमारदार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर 32 में मरीजों को भर्ती कर इलाज करने की व्यवस्था से मरीज और उनके परिजन परेशान हैं। आलम यह है कि कार्डियक के वार्ड में डेंटल, मेंटल, स्किन, सर्जरी और हृदय संबंधी मर्ज के मरीजों को एक साथ भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मनोरोगियों के बीच भर्ती मरीज डर के साये में इलाज कराने को मजबूर हैं। उन मरीजों के साथ ही उनके परिजनों को हर वक्त किसी अनहोनी का डर सता रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन इसे कोविड के कारण की गई व्यवस्था का नाम दे रहा है।

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अस्पताल के चतुर्थ तल पर स्थित एरिया-42 में कार्डियक वार्ड में एक-दो नहीं पांच विभागों के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। उन विभागों में मनोरोग भी शामिल है। मौजूदा समय में वहां 10 मनोरोगी भर्ती हैं जिससे वहां भर्ती अन्य विभागों के मरीज काफी तनाव में हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को ऐसी व्यवस्था नहीं करनी चाहिए थी जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाए क्योंकि मनोरोगी खुद के साथ ही अन्य मरीज को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
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जीएमसीएच- 32 में भी कोविड आरक्षण
स्थिति यह है कि कोविड संक्रमण की रफ्तार शून्य पर आने के बावजूद उसके नाम पर अस्पतालों में सैकड़ों बेड आरक्षित किए गए हैं। जीएमसीएच-32 में भी कोविड केनाम पर दो वार्ड आरक्षित हैं जिससे लगभग 80 बेड पर मरीज भर्ती नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में बेड की कमी के कारण बिना मानक के मरीजों को यहां-वहां भर्ती करना पड़ रहा है।
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सेक्टर- 48 में शिफ्ट विभागों का हाल बुरा
कोविड के पहले अस्पताल के चार विभागों को सेक्टर- 48 में बनाए गए 100 बेड के अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। उन चार विभागों में से एक मनोरोग विभाग भी है। कोविड के कारण उन चारों विभागों के बेड महामारी के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। ऐसे में मनोरोग, त्वचा, कैंसर और ईएनटी के मरीज यहां-वहां भटकने को मजबूर हैं।

मनोरोग विभाग के मरीजों के लिए सेक्टर 48 के अस्पताल में 40 बेड आरक्षित है। कोविड के कारण फिलहाल उन्हें जीएमसीएच 32 में ही भर्ती किया जा रहा है। अन्य मरीजों के साथ उन्हें भर्ती करने से अगर किसी प्रकार की परेशानी हो रही है तो उन्हें अलग शिफ्ट करने की व्यवस्था की जाएगी। -डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच- 32

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