त्रिकोणीय बना पटियाला शहरी से मुकाबला, सीधी टक्कर की लड़ाई
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए इस बार अपने होमटाउन पटियाला शहरी की सीट पर जीत की राह आसान नहीं दिख रही है।
जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आ रहा है मुकाबला त्रिकोणीय बनता जा रहा है। भले ही पिछले कई चुनाव में यह सीट कांग्रेस का गढ़ रही है लेकिन इस बार कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ अकाली दल की तरफ से मजबूत दावेदार के तौर पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल जेजे सिंह को उतारा गया है।
वहीं आम आदमी पार्टी ने जाने-माने आई सर्जन डा. बलबीर सिंह को टिकट दिया है। पटियाला के लोगों का शाही परिवार से काफी लगाव है। इसका लाभ कांग्रेस को मिलता रहा है फिर भी इस बार कैप्टन के लिए अपने हलके से जीत आसान नही होगी।
यह रहा पटियाला शहरी सीट का अब तक का इतिहास
अकाली दल के मजबूत प्रत्याशी जनरल जेजे सिंह घर-घर जाकर खुद लोगों से मिल रहे हैं। वह लोगों से वादा कर रहे हैं कि वह चौबीसों घंटे उनके लिए उपलब्ध रहेंगे।
उधर आम आदमी पार्टी के कैंडीडेट आई सर्जन डा. बलबीर सिंह भी जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं। दोनों ही कैंडीडेट प्रचार में इस बात को खूब उछाल रहे हैं कि कैप्टन ने न तो कांग्रेस के राज में और न ही बतौर विधायक कभी अपने हलके के लोगों की सुध ली।
नतीजा क्या रहता है वह तो मार्च में मतगणना के बाद ही पता लगेगा लेकिन फिलहाल पटियाला शहरी सीट से मुकाबला कैप्टन, जनरल, और डॉ. बलबीर सिंह के बीच काफी दिलचस्प बना है।
पटियाला शहरी सीट का अब तक का इतिहास
1972-कांग्रेस के प्रेम चंद
1977-अकाली दल के सरदार सिंह
1980-कांग्रेस के ब्रह्म मोहिंदरा
1985-कांग्रेस के ब्रह्म मोहिंदरा
1992-कांग्रेस के ब्रह्म मोहिंदरा
1997-अकाली दल के सुरजीत सिंह कोहली
2002-कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह
2007--कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह
2012-कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह
2014-उपचुनाव में जीत के बाद विधायक बनी कांग्रेस की परनीत कौर