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हरियाणा में कोरोना से असल जंग लड़ रहा पैरा मेडिकल स्टाफ, सरकार ने दिया भत्ते का भरोसा
Mon, 30 Mar 2020 09:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 30 Mar 2020 09:11 AM IST
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हरियाणा में कोरोना से सीधी जंग लड़ रहे पैरा मेडिकल स्टाफ को मूलभूत सुविधाओं की दरकार है। कोरोना पाजिटिव मरीजों की तीमारदारी में लगे इस स्टाफ को अपने और अपने परिवार की चिंता सता रही है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले संदिग्ध मामलों का गले का सैंपल ले रहे स्टाफ का आरोप है कि डाक्टर इस तरह के सैंपल लेने से बच रहे हैं।
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ऐसोसिएशन की मांग है कि जो डाक्टर महकमे में रिटायरमेंट के बाद दोबारा सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें भी फील्ड में उतारा जाए, अन्यथा इनकी नियुक्ति का कोई फायदा नहीं है।साथ ही पैरा मेडिकल स्टाफ को थोक में सैनिटाइजर और पर्सनल प्रोटेक्शन किट उपलब्ध करवाई जाए जिससे वे समाज और अपने परिवार का भी बचाव कर सकें। पैरा मेडिकल के रहने खाने और कपड़े धोने का प्रबंध करवाया जाए। जिससे संक्रमण उनके घर पर न जा सके।
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पैरा मेडिकल की पिछले कई सालों से पोस्ट खाली हैं। समय पर अगर इन पदों पर नियुक्तियां कर दी जाती तो आज संकट के समय में यह काम आते। एसोसिएशन के प्रधान रमेश कुमार ने मांग की है कि राज्य में अधिक से अधिक घरों का भ्रमण करके उनके टेस्ट करवाए जाएं, जिससे यह पता चल सके कि संक्रमण कहां कहां है। कई देशों में यह मुहिम चल रही है।
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अनुबंध के आधार पर स्टाफ लिया जाएगा
एसोसिएशन का कहना है कि राज्य सरकार ने वीडीआरएल वायरल डिजीज रिसर्च लैब पांच से छह जगह खोलने की कोशिश की है। विज्ञापन निकाला है कि तीन माह के लिए अनुबंध के आधार पर स्टाफ लिया जाएगा। जबकि हर जिला अस्पताल में पैथेलॉजिस्ट माइक्रोबायोलाजिस्ट, एमबीबीएस डाक्टर और लैब टेक्नीशियन उपलब्ध हैं। उन्हीं को दो दिन की ट्रेनिंग देकर यह टेस्ट कराए जा सकते हैं। राज्य में खानपुर कलां और पीजीआई रोहतक में पहले से ही यह टेस्ट हो रहे हैं।
पैरा मेडिकल स्टाफ को केंद्र की तर्ज पर पेशेंट केयर अलाउंस जोखिम भत्ता दिया जाए, क्योंकि केंद्र सरकार छठे और सातवें वेतन आयोग में कर्मचारियों को यह दे रही है। चूंकि पैरा मेडिकल स्टाफ सीधे संक्रमण के घेरे में रहता है। इससे पैरा मेडिकल का हौसला बढ़ेगा।
-रमेश कुमार, प्रधान, हरियाणा स्टेट लैब तकनीशियन ऐसोसिएशन
हम जोखिम उठा रहे स्वास्थ्य विभाग के इन कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देंगे। यही नहीं अच्छा काम करने वाले कर्मचारी सम्मानित भी किए जाएंगे। जहां तक सैंपल लेने की बात है यह काम पैरा मेडिकल को ही करना होगा।
अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा