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HMT कर्मचारियों का विरोध, बोले- पीएम मोदी ने दिवाली पर किया बेरोजगार
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sat, 29 Oct 2016 12:36 AM IST
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HMT कर्मचारियों का विरोध
- फोटो : File Photo
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हरियाणा स्वर्ण जयंती से पहले भाजपा सरकार ने एचएमटी पिंजौर के कर्मचारियों को बेरोजगार करने का उपहार दिया है। यह कहना है एचएमटी एससी, एसटी वेलफेयर एसोसिएशन का।
एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र सिंह एवं महासचिव बलबीर सिंह गुरे ने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार देने की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एचएमटी पिंजौर की ट्रैक्टर यूनिट को बंद करने की स्वीकृति देकर दिवाली पर यहां के कर्मचारियों को बेरोजगार कर दिया है। भाजपा सरकार इस सार्वजनिक ट्रैक्टर प्लांट उपक्रम को बंद करके पूंजीपतियों की नीतियों को बढ़ावा दे रही है।
इसे बंद करने के निर्णय से उन कर्मचारियों को अधिक नुकसान होगा, जिनकी सर्विस 8 से 12 वर्ष तक की बची है। प्लांट बंद होने के बाद मिलने वाली राशि से बच्चों की पढ़ाई कराना, खर्चे चलाना मुश्किल होगा। एससीएसटी एसोसिएशन ने कर्मचारियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे सभी इस बार काली दिवाली मनाएं।
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विधायक और सांसद ने जख्मों पर लगाया नमक
एससी, एसटी एसोसिएशन ने कहा कि कंपनी के ट्रैक्टर प्लांट के बंद होने की खबर से एचएमटी पिंजौर में मातम छाया हुआ है। कालका हलका विधायक ने कंपनी बंद होने के फैसले को सही बताकर एचएमटी कर्मचारियों के जख्मों पर नमक लगाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विधायक लतिका शर्मा, सांसद रतन लाल कटारिया ने कंपनी बचाने और इसे चलाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि विधायक लतिका शर्मा और सांसद रतनलाल कटारिया ने भोले भाले कंपनी कर्मचारियों और क्षेत्र की जनता के साथ केवल राजनीति कर अपना उल्लू सीधा किया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिन कर्मचारियों की सर्विस 8 से 12 साल बची है उनके व अन्य कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कंपनी को बंद करने के फैसले पर सरकार पुनर्विचार करे।
हाल ही में निर्विरोध चुने गए प्रधान दीवान चंद ने बताया कि जिन लोगों को वीआरएस का फायदा होगा वे तो वीआरएस ले सकते हैं। लेकिन जिन कर्मचारियों को इस वीआरएस का पूरा फायदा नहीं मिल पाएगा उनको सरकारी उपक्रम में समायोजित कराया जाएगा। इसके अलावा वे कंपनी को बंद नहीं होने देंगे। इसके लिए चाहे उन्हें सरकार या कंपनी मैनेजमेंट के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़े, वह पीछे नहीं हटेंगे।
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एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र सिंह एवं महासचिव बलबीर सिंह गुरे ने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार देने की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एचएमटी पिंजौर की ट्रैक्टर यूनिट को बंद करने की स्वीकृति देकर दिवाली पर यहां के कर्मचारियों को बेरोजगार कर दिया है। भाजपा सरकार इस सार्वजनिक ट्रैक्टर प्लांट उपक्रम को बंद करके पूंजीपतियों की नीतियों को बढ़ावा दे रही है।
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इसे बंद करने के निर्णय से उन कर्मचारियों को अधिक नुकसान होगा, जिनकी सर्विस 8 से 12 वर्ष तक की बची है। प्लांट बंद होने के बाद मिलने वाली राशि से बच्चों की पढ़ाई कराना, खर्चे चलाना मुश्किल होगा। एससीएसटी एसोसिएशन ने कर्मचारियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे सभी इस बार काली दिवाली मनाएं।
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विधायक और सांसद ने जख्मों पर लगाया नमक
एससी, एसटी एसोसिएशन ने कहा कि कंपनी के ट्रैक्टर प्लांट के बंद होने की खबर से एचएमटी पिंजौर में मातम छाया हुआ है। कालका हलका विधायक ने कंपनी बंद होने के फैसले को सही बताकर एचएमटी कर्मचारियों के जख्मों पर नमक लगाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विधायक लतिका शर्मा, सांसद रतन लाल कटारिया ने कंपनी बचाने और इसे चलाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि विधायक लतिका शर्मा और सांसद रतनलाल कटारिया ने भोले भाले कंपनी कर्मचारियों और क्षेत्र की जनता के साथ केवल राजनीति कर अपना उल्लू सीधा किया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिन कर्मचारियों की सर्विस 8 से 12 साल बची है उनके व अन्य कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कंपनी को बंद करने के फैसले पर सरकार पुनर्विचार करे।
हाल ही में निर्विरोध चुने गए प्रधान दीवान चंद ने बताया कि जिन लोगों को वीआरएस का फायदा होगा वे तो वीआरएस ले सकते हैं। लेकिन जिन कर्मचारियों को इस वीआरएस का पूरा फायदा नहीं मिल पाएगा उनको सरकारी उपक्रम में समायोजित कराया जाएगा। इसके अलावा वे कंपनी को बंद नहीं होने देंगे। इसके लिए चाहे उन्हें सरकार या कंपनी मैनेजमेंट के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़े, वह पीछे नहीं हटेंगे।