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पंचकूला की ऑटो इंडस्ट्री तोड़ रही दम, मदद की दरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
Updated Thu, 19 Nov 2015 01:47 PM IST
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पंचकूला की एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाली ऑटो इंडस्ट्री दम तोड़ने लगी है और इसे मदद की बड़ी दरकार है। ऐसा नहीं है कि यह इंडस्ट्री किसी से कम है। ऑटो कंपोनेंट को बनाने में पंचूकला की ऑटो इंडस्ट्री देश के किसी भी कोने में लगाई गई ऑटो इंडस्ट्री को टक्कर देने वाली है। न इंडस्ट्री के पास कमी है मशीनरी की और न ही लेबर की।
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दरकार है एक मदर प्लांट की। इसमें ज्यादातर वहीं इंडस्ट्री हैं जो एचएमटी को सपोर्ट करने के लिए बसाई गईं और जिनकी तर्ज पर चलते हुए जिला पंचकूला में सौ से भी ज्यादा ऑटो इंडस्ट्री डेवलप हो गईं। जो सिर्फ एचएमटी पर निर्भर होकर रह गए उनका हाल बेहाल हो गया, जिन्होंने प्राइवेट कंपटीशन का सामना करना शुरू कर दिया, वह अभी भी चल रहे हैं।
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पंचकूला में ऑटो इंडस्ट्री की 60 यूनिट्स हैं। यह यूनिट्स चल रही हैं पर रेंग-रेंग कर। इनके रेंगने का कारण है एचएमटी के बंद होने के बाद हिमाचल और पंजाब के ट्रैक्टरों के पार्ट्स बनाने की शुरुआत कर दी है। कुछ इंडस्ट्री सोनालिका तो कुछ पंजाब ट्रैक्टर के लिए पार्ट्स बनाती हैं। ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली इन इंडस्ट्री को जूझना पड़ रहा है भारी प्रोडक्शन कास्ट के बोझ से।
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रॉ मैटेरियल बना परेशानी
पंचकूला की ऑटो इंडस्ट्री के लिए रॉ मैटेरियल एक बड़ी समस्या बन चुका है। पंचकूला में जो मैटेरियल आता है वह बाहर से ही मंगवाना पड़ता है। जिसकी वजह से मैटेरियल की कास्ट तीस फीसदी ज्यादा होती है। इंडस्ट्री के लिए टाटा, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड और जिंदल से लोहा मंगवाया जाता है। इसके साथ ही मंडी गोबिंदगढ़ की रोलिंग मिल्स से भी यह खरीदा जाता है। इसके साथ ही कास्टिंग और फोर्जिंग के लिए भी मैटेरियल मंगवाया जाता है।
बिजली बनी बड़ी समस्या
पंचकूला की ऑटो इंडस्ट्री के लिए बिजली बड़ी समस्या बन गई है। यहां बिजली के रेट्स पहले के मुकाबले लगभग दोगुने हो चुके हैं। ऑटो इंडस्ट्री के उद्यमियों के अनुसार बिजली ऑटो इंडस्ट्री की प्रोडक्शन कास्ट में जुड़ती है। फिलहाल बिजली की कीमत 11 रुपये के करीब है, इसके साथ ही एडवांस चार्ज लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही वैट रिफंड न होने की वजह से भी उद्यमी परेशान हैं।
यह बना सकती है इंडस्ट्री
शीट मेटल कंपोनेंट
कोच की अपहोल्स्ट्री
ट्वायलेट्स
कास्टिंग और फोर्जिंग
ऑटो इंडस्ट्री का डाटा
पंचकूला ऑटो इंडस्ट्री यूनिट्स-60
ऑटो इंडस्ट्री का टर्नओवर-100 करोड़ रुपये
ऑटो इंडस्ट्री द्वारा रेवेन्यू-15 करोड़ रुपये
ऑटो इंडस्ट्री में रोजगार-5000 व्यक्ति
पंचकूला की इंडस्ट्री की लागत-एक हजार करोड़ रुपये
यह बना सकती हैं इंडस्ट्री-रेलवे पार्ट्स, ट्रैक्टर पार्ट्स, कार के पार्ट्स
पंचकूला की ऑटो इंडस्ट्री में कार से लेकर ट्रक तक के पार्ट्स बनाने का दम है। यहां अगर कोई मदर प्लांट लगाया जाए तो स्थिति एकदम बदल सकती है।
- सीवी गोयल, पूर्व प्रधान हरियाणा चैंबर आफ कामर्स पंचकूला
पंचकूला के ऑटो इंडस्ट्री प्लेयर्स के लिए अब कंपटीशन एकदम बढ़ चुका है। यदि सरकार हमको राहत दे तो शायद उस कंपटीशन में हम स्टैंड कर जाएं। मसलन, बिजली और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर किए जाने से स्थिति में काफी बदलाव आएगा।
- विकास मखारिया, हारवे मेटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
पंचकूला की ऑटो इंडस्ट्री के लिए मदर प्लांट जरूरी है, यहां रेलवे और डिफेंस के लिए भी मैन्युफैक्चरिंग की जा सकती है। इस दिशा में यदि कोई बड़ा प्लांट यहां लगाया जाए तो इंडस्ट्री तो बढ़ेगी साथ ही पंचकूला से सरकार को मिलने वाला रेवेन्यू भी बढ़ेगा।
- कुनाल जैन, मेसर्स केन
पंचकूला की इंडस्ट्री को अब एक नई दिशा की आवश्यकता है। हमारी क्षमताएं किसी से कम नहीं है, हमको चाहिए खरीदार जो कि अब यहां नहीं हैं, इसके लिए बड़ा मदर प्लांट लगाने की जरूरत है।
- डीसी जैन, अध्यक्ष, एचएमटी एनसीलिएरी वेलफेयर एसोसिएशन