अब 10वीं पास बनेंगे सरपंच, शौचालय वाले लड़ेंगे चुनाव
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अब दसवीं पास लोग ही सरपंच बन सकेंगे और जिनके घर में शौचालय है, वे ही पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे। ये बड़ा बदलाव हुआ है हरियाणा में। विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक-2015 को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत अब 10वीं पास ही सरपंच बन सकेंगे। साथ ही जिनके घर में शौचालय है, वे ही पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे। हरियाणा सरकार ने एक तरह से चुनाव लडऩे के लिए शैचालय होने की शर्त को अनिवार्य कर दिया है।
विधेयक पास होते ही यह भी तय हो गया है कि पंचायतों में अब दसवीं पास की योग्यता रखने वाले ही सरपंच के लिए पर्चा दाखिल कर सकेंगे। हालांकि महिलाओं और अजा उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास रहेगी। पंचायतों के चुनाव में शिक्षित प्रत्याशियों को ही उतरने का अवसर प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा पिछले महीने लाया गया अध्यादेश करीब 15 दिन बाद वापस ले लिया गया था और अब उसे मानसून सत्र में बहस के बाद पारित कर कानून बना दिया गया है।
अब प्रदेश में पंच-सरपंच का चुनाव लड़ने वाले पुरुष प्रत्याशी के लिए दसवीं, महिला व अनुसूचित जाति के प्रत्याशी के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य किया गया है। हालांकि पहले लाए गए अध्यादेश से अलग संशोधन विधेयक में अनुसूचित जाति की पंच प्रत्याशी के लिए शैक्षिक योग्यता पांचवीं पास तय कर दी गई है। इसके साथ राजस्थान के बाद हरियाणा दूसरा ऐसा राज्य बन गया है जहां पर पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता निर्धारित की गई है।
गांवों में 76 फीसदी लोग दसवीं पास नहीं : चौटाला
कर्ण दलाल द्वारा लाए गए संशोधन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में नेता प्रतिपक्ष इनेलो को अभय चौटाला ने कहा कि संविधान में कहीं भी प्रत्याशियों की योग्यता का जिक्र नहीं है। प्रदेश के गांवों में इस समय 76 फीसदी लोग दसवीं पास नहीं हैं।
चौटाला ने सदन का ध्यान उन खबरों की ओर भी दिलाया जिनमें कहा जा रहा है कि मेवात में पंचायत चुनाव लड़ने को पांचवीं पास लड़कियों को हैदराबाद से लाकर जिले में नाबालिगों की शादी कराई जा रही है।
पंचायत राज को मजबूत करना उद्देश्यः
धनखड़- पंचायत राज मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा कि हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 में संशोधन का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करना है और ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों व जिला परिषदों के पदाधिकारियों के लिए शिक्षा को आवश्यक योग्यता बनाकर उनकी दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार करना है।
कांग्रेस का वॉक आउट
कांग्रेस के यशवीर कादियान ने स्पीकर से गुप्त मतदान की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा के भी कई विधायक इस संशोधन के खिलाफ हैं और यदि सदन में गुप्त मतदान कराया जाता है तो यह प्रस्ताव पास नहीं हो सकेगा, लेकिन स्पीकर ने मांग को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायक वॉक आउट कर गए।