भारत के आगे झुका पाकिस्तान, गोपाल चावला को करतारपुर समिति और पीएसजीपीसी से हटाया
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करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण को लेकर भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच रविवार को होने वाली दूसरे दौर की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले पाकिस्तान सरकार ने खालिस्तान समर्थक गोपाल सिंह चावला को करतारपुर समिति और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से हटा दिया है। भारत ने पहले ही बैठक में गोपाल सिंह चावला के खिलाफ विरोध दर्ज करवाने की चेतावनी दी थी।
भारत ने इसकी पूरी तैयारी भी कर ली थी। भारत के दबाव के आगे झुकते हुए पाकिस्तान सरकार ने चावला समेत तीन खालिस्तान समर्थकों को इस समिति से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसे भारत की कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।
इसी मुद्दे पर भारत ने पिछली बार इस बैठक को रद्द कर दिया था। ऐसा कर पाकिस्तान ने न केवल भारत के विरोध से बचने की कोशिश की है, बल्कि यह भी बताने का प्रयास किया है कि पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी खालिस्तानी समर्थकों से मुक्त है।
करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तान के करतारपुर स्थित श्री दरबार साहिब को पंजाब के गुरदासपुर जिला स्थित श्री डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ेगा और भारतीय सिख श्रद्धालुओं की वीजा मुक्त आवाजाही को सुगम बनाएगा। श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब की यात्रा के लिए सिर्फ परमिट हासिल करनी होगी।
हाफिज सईद और मसूद अजहर से चावला के संबंध
पाकिस्तान में चावला के संबंध मुंबई हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद और जैश सरगना मसूद अजहर से हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी उसके संबंध हैं। आईएसआई चावला का इस्तेमाल पंजाब में खालिस्तानी और अलगाववादी भावनाओं को भड़काने के लिए करती रहती है। उसकी भूमिका भारत विरोधी गतिविधियों में हमेशा संदिग्ध रही है।
इसके बावजूद गोपाल चावला पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का सदस्य था। पाकिस्तान ने उसे करतारपुर कॉरिडोर कमेटी का सदस्य भी बना दिया था। जिस पर भारत ने गहरी आपत्ति जताई थी। पाकिस्तान दौरे पर कांग्रेस नेता और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की तस्वीर चावला के साथ देखी गई थी, जिस पर काफी विवाद हुआ था।
यह है पीएसजीपीसी की नई सूची
पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की नई सूची में 10 सदस्य और 3 एक्स ऑफिसियो सदस्य नियुक्त किए गए हैं। सदस्यों में पाकिस्तान स्थित पंजाब से रविंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, डॉ मीमपाल सिंह, अमीर सिंह, खैबर पख्तूनख्वा से बाबा हरमीत सिंह, सरबत सिंह, सतवंत सिंह, सिंध से डॉ सागरजीत सिंह, सरदार विकास सिंह खालसा व बलूचिस्तान से सरदार सागर सिंह शामिल किए गए हैं। जबकि एक्स ऑफिस्यो सदस्यों में तीनों प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।
श्री ननकाना साहिब में बाबा गुरु नानक यूनिवर्सिटी का रखा नींव पत्थर
पाकिस्तान पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार उस्मान बुजदार ने शुक्रवार देर शाम श्री ननकाना साहिब में 10 एकड़ भूमि में स्थापित की जाने वाली बाबा गुरु नानक यूनिवर्सिटी का नींव पत्थर रखा। इस यूनिवर्सिटी के निर्माण में 600 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। बाबा गुरु नानक के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर पाकिस्तान दुनिया भर में अपनी छवि को सुधारने की कोशिश में है।
इस अवसर पर सीएम बुजदार ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व की उपलक्ष्य में जितने भी नए प्रोजेक्ट की घोषणा कर रखी है, उसमें बाबा नानक यूनिवर्सिटी भी एक थी। यूनिवर्सिटी की स्थापना से ननकाना साहिब व उसके आसपास के स्टूडेंट्स जहां बाबा नानक के मानव कल्याण के संदेश की जानकारी हासिल करेंगे। वहीं गुरुबाणी के अध्ययन के अवसर भी सिख स्टूडेंट्स को मिलेंगे। इस अवसर पर पाकिस्तान के सिख सांसद महिंदर पाल सिंह भी मौजूद थे।