ऑपरेशन अरनिया में पंजाब के तीन जवान शहीद
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अरनिया के पिंड कठार गांव में घुसे पाकिस्तानी आतंकियों के खात्मे के लिए चला ऑपरेशन 30 घंटे बाद शुक्रवार को दोपहर बाद समाप्त हुआ। इसमें तीन जवान शहीद हो गए। शहीद होने वाले तीनों जवान पंजाब से हैं।
इनमें मानसा के जगसीर सिंह, पठानकोट के बलविंदर सिंह और जालंधर के कुलविंदर सिंह शामिल हैं। मुठभेड़ में पांच नागरिकों समेत आठ हिंदुस्तानियों को जान गंवानी पड़ी। सेना ने चार आतंकियों को तो मार गिराया लेकिन बाकी के बारे में कुछ पता नहीं चला सका। ग्रामीणों ने दावा किया था कि आतंकियों की संख्या अठ से दस के बीच थी।
सेना ने मौके से भारी मात्रा में गोला बारूद, चार एके-47 रायफल तथा चाइनीज ग्रेनेड बरामद किए हैं। चार मोटोरोला सेट भी मौके से मिला है। इसके साथ ही बंकर से 50 मीटर दूर आईईडी भी मिला। मुठभेड़ के बाद सेना ने पूरे इलाके को घेर रखा है। तलाशी अभियान जारी है।
चुनाव और मोदी की रैली निशाने पर
सभी आतंकी सेना की वर्दी में थे। ये लश्कर के बताए जा रहे हैं। इन्हें फिदायीन बनाकर चुनाव के दौरान तबाही मचाने भेजा गया था। इनकी उम्र 20 से 24 साल बताई जा रही है। मोदी की रैली भी निशाने पर थी। मौके पर आतंकियों के जूते पड़े हुए थे। आपरेशन खत्म होने के बाद जिला प्रशासन की मौजूदगी में चारों आतंकियों के शव को पुलिस ने कब्जे में लिया।
वीरवार सुबह किया था बंकर पर कब्जा
आतंकियों ने वीरवार सुबह कठार गांव में सेना के 84 नंबर बंकर पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद उन्होंने चार नागरिकों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। आतंकियों के घुसने की खबर मिलते ही सेना ने पूरे इलाके को घेरकर ऑपरेशन शुरू कर दिया।
मनीष मेहता, सेना प्रवक्ता ने बताया कि आतंकियों ने आरपीजी तथा हैंड ग्रेनेड का भी इस्तेमाल किया। मौके से ग्रेनेड भी मिले हैं। उन्होंने बताया कि मौके से कुछ कपड़े मिले हैं। ऐसा लगता है कि आतंकियों ने भारतीय सीमा में प्रवेश करने के बाद सेना की वर्दी वाले कपड़े पहने।