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भर्ती घोटाले में एचपीएससी के अन्य अफसरों के खिलाफ सबूत नहीं मिले : एसीबी
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भर्ती घोटाले में एचपीएससी के अन्य अफसरों के खिलाफ सबूत नहीं मिले : एसीबी
-विधानसभा सत्र में विपक्ष ने व्हाट्सएप चैट का मामला उठाया था
-आरोप था कि चैट में आरोपी और एचपीएससी चेयरमैन के बीच बातचीत होती थी
एसीबी चीफ बोले-जो चार्जशीटेड हैं, सिर्फ वही आरोपी, बाकी किसी के खिलाफ सबूत नहीं मिले
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। साल 2021 हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) में डेंटल सर्जन भर्ती घोटाले के मामले में हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के प्रमुख शत्रुजीत कपूर ने कहा कि इस मामले में उपसचिव से ऊपर के किसी भी अधिकारी की संलिप्ता सामने नहीं आई थी। इस मामले की विस्तृत जांच की गई थी। जिनके नाम इसमें शामिल थे, उनके खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा के बीते शीतकालीन सत्र में विपक्ष के विधायक रघुवीर कादियान ने आरोप लगाया था भर्ती घोटाले के आरोपी तत्कालीन उपसचिव अनिल नागर और एचपीएससी के चेयरमैन के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सामने आई थी। मगर, सरकार ने इस मामले की जांच कराने के बजाए इसे ठंड बस्ते में डाल दिया था। इन आरोपों के बाद सीएम ने गीता पर हाथ रखकर सौंगध खाई थी कि इस मामले में जो भी आरोपी शामिल होगा, उसे बर्खास्त करेंगे। यह व्हाट्सएप चैट पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 2021 में सार्वजनिक की थी। हुड्डा ने दावा किया था कि यह व्हाट्सएप चैट में एचपीएससी के चेयरमैन व तत्कालीन व बर्खास्त उपसचिव अनिल नागर की थी। नागर ही इस मामले का मुख्य आरोपी है, जो फिलहाल अंबाला जेल में बंद है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के मुखिया शत्रुजीत कपूर ने पंचकूला में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि यह ट्रैप पूरे 24 घंटे चला था। आरोपी की निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से तीन करोड़ रुपये की रिकवरी हुई थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में आरोपी के मोबाइल और व्हाट्सएप चैट की फॉरेंसिंक जांच करवाई थी, जिसमें ऐसी कोई चैट नहीं मिली और उपसचिव से ऊपर के किसी लोकसेवक की संलिप्ता नहीं मिली। यह मामला अदालत में विचाराधीन है। हमने जो चार्टशीट दाखिल की थी, वह पूरी तरह से पुख्ता है। राज्य सरकार ने नागर को बर्खास्त कर चुकी है।
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-विधानसभा सत्र में विपक्ष ने व्हाट्सएप चैट का मामला उठाया था
-आरोप था कि चैट में आरोपी और एचपीएससी चेयरमैन के बीच बातचीत होती थी
एसीबी चीफ बोले-जो चार्जशीटेड हैं, सिर्फ वही आरोपी, बाकी किसी के खिलाफ सबूत नहीं मिले
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। साल 2021 हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) में डेंटल सर्जन भर्ती घोटाले के मामले में हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के प्रमुख शत्रुजीत कपूर ने कहा कि इस मामले में उपसचिव से ऊपर के किसी भी अधिकारी की संलिप्ता सामने नहीं आई थी। इस मामले की विस्तृत जांच की गई थी। जिनके नाम इसमें शामिल थे, उनके खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा के बीते शीतकालीन सत्र में विपक्ष के विधायक रघुवीर कादियान ने आरोप लगाया था भर्ती घोटाले के आरोपी तत्कालीन उपसचिव अनिल नागर और एचपीएससी के चेयरमैन के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सामने आई थी। मगर, सरकार ने इस मामले की जांच कराने के बजाए इसे ठंड बस्ते में डाल दिया था। इन आरोपों के बाद सीएम ने गीता पर हाथ रखकर सौंगध खाई थी कि इस मामले में जो भी आरोपी शामिल होगा, उसे बर्खास्त करेंगे। यह व्हाट्सएप चैट पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 2021 में सार्वजनिक की थी। हुड्डा ने दावा किया था कि यह व्हाट्सएप चैट में एचपीएससी के चेयरमैन व तत्कालीन व बर्खास्त उपसचिव अनिल नागर की थी। नागर ही इस मामले का मुख्य आरोपी है, जो फिलहाल अंबाला जेल में बंद है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के मुखिया शत्रुजीत कपूर ने पंचकूला में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि यह ट्रैप पूरे 24 घंटे चला था। आरोपी की निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से तीन करोड़ रुपये की रिकवरी हुई थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में आरोपी के मोबाइल और व्हाट्सएप चैट की फॉरेंसिंक जांच करवाई थी, जिसमें ऐसी कोई चैट नहीं मिली और उपसचिव से ऊपर के किसी लोकसेवक की संलिप्ता नहीं मिली। यह मामला अदालत में विचाराधीन है। हमने जो चार्टशीट दाखिल की थी, वह पूरी तरह से पुख्ता है। राज्य सरकार ने नागर को बर्खास्त कर चुकी है।