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विभागों को प्रशासन का फरमान, 15 दिन में ऑनलाइन करो सिस्टम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 19 Apr 2016 08:45 PM IST
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- फोटो : getty
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चंडीगढ़ प्रशासन के सभी विभागों की कार्यप्रणाली अब बेहतर होने वाली है। डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत सभी विभागों को पेपरलेस किया जाएगा। जिसे ई-ऑफिस नाम दिया गया है। प्रशासन ने ई-ऑफिस की डेडलाइन भी तय कर दी है। दिसंबर 2016 तक सभी विभागों को पेपरलेस कर ई-ऑफिस में तब्दील कर दिया जाएगा। विभागों के पूरे रिकॉर्ड को डिजिटल करने और उसके मैनेजमेंट के लिए दो अलग कंपनियों को हायर किया गया है।
सोमवार को ही इन दोनों कंपनियों को फाइनल किया गया है। जिसमें एक कंपनी विभागों के रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन करेगी और दूसरी इस डिजिटाइज्ड रिकॉर्ड की मैनेजिंग करेगी। पेपरलेस प्रक्रिया के लिए नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) साफ्टवेयर तैयार कर रही है। एस्टेट ऑफिस में पहले ही डिजिटाइजेशन का काम चल रहा है। बिल्डिंग ब्रांच को छोड़कर लगभग सभी ब्रांच का रिकॉर्ड डिजिटल किया जा चुका है।
प्रशासन के सूचना प्रोद्यौगिकी विभाग ने सभी विभागों को 15 दिनों के अंदर डिजिटाइजेशन का काम शुरू करने के आदेश दिए हैं। इस पूरे मामले को लेकर एडवाइजर परिमल राय जल्द ही अधिकारियों के साथ अहम बैठक करेंगे।
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ई-आफिस रखेगा हर फाइल की मूवमेंट पर नजर
सभी विभागों का डिजिटाइजेशन होने के बाद फाइलों और दूसरे रिकॉर्ड की मूवमेंट पर नजर रखी जा सकेगी। फाइल पुटअप से अप्रूवल तक ऑनलाइन होगी। अधिकारी के फाइल पर ई-सिग्नेचर होंगे। फाइल ट्रैकिंग सिस्टम से अधिकारी कहीं भी बैठे फाइल को देख सकेंगे। बाबू चाहकर भी फाइल को दबा नहीं सकेंगे। फाइल चोरी होने झंझट भी खत्म हो जाएगा। कौन सी फाइल कब, कहां, किसके पास और कितने दिन से पड़ी है। किसने अपना काम तय समय में नहीं किया। सब चीजों का पल में पता चल जाएगा। जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होगी।
प्रशासन के अंतर्गत आने वाले सभी विभागों को निर्धारित समय में रिकॉर्ड को डिजिटाइज्ड करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साल के अंत तक सभी विभागों को पेपरलेस कर दिया जाएगा। जिसके बाद फाइल पुटअप से ट्रैकिंग और अप्रूवल तक ऑनलाइन ही होगी।
- प्रिंस धवन, डायरेक्टर, आईटी डिपार्टमेंट
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सोमवार को ही इन दोनों कंपनियों को फाइनल किया गया है। जिसमें एक कंपनी विभागों के रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन करेगी और दूसरी इस डिजिटाइज्ड रिकॉर्ड की मैनेजिंग करेगी। पेपरलेस प्रक्रिया के लिए नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) साफ्टवेयर तैयार कर रही है। एस्टेट ऑफिस में पहले ही डिजिटाइजेशन का काम चल रहा है। बिल्डिंग ब्रांच को छोड़कर लगभग सभी ब्रांच का रिकॉर्ड डिजिटल किया जा चुका है।
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प्रशासन के सूचना प्रोद्यौगिकी विभाग ने सभी विभागों को 15 दिनों के अंदर डिजिटाइजेशन का काम शुरू करने के आदेश दिए हैं। इस पूरे मामले को लेकर एडवाइजर परिमल राय जल्द ही अधिकारियों के साथ अहम बैठक करेंगे।
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ई-आफिस रखेगा हर फाइल की मूवमेंट पर नजर
सभी विभागों का डिजिटाइजेशन होने के बाद फाइलों और दूसरे रिकॉर्ड की मूवमेंट पर नजर रखी जा सकेगी। फाइल पुटअप से अप्रूवल तक ऑनलाइन होगी। अधिकारी के फाइल पर ई-सिग्नेचर होंगे। फाइल ट्रैकिंग सिस्टम से अधिकारी कहीं भी बैठे फाइल को देख सकेंगे। बाबू चाहकर भी फाइल को दबा नहीं सकेंगे। फाइल चोरी होने झंझट भी खत्म हो जाएगा। कौन सी फाइल कब, कहां, किसके पास और कितने दिन से पड़ी है। किसने अपना काम तय समय में नहीं किया। सब चीजों का पल में पता चल जाएगा। जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होगी।
प्रशासन के अंतर्गत आने वाले सभी विभागों को निर्धारित समय में रिकॉर्ड को डिजिटाइज्ड करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साल के अंत तक सभी विभागों को पेपरलेस कर दिया जाएगा। जिसके बाद फाइल पुटअप से ट्रैकिंग और अप्रूवल तक ऑनलाइन ही होगी।
- प्रिंस धवन, डायरेक्टर, आईटी डिपार्टमेंट