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करोड़ों का जीएसटी फर्जीवाड़ा, फर्जी बिल जारी कर टैक्स की चोरी करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार
Thu, 27 Jun 2019 02:14 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 27 Jun 2019 02:14 PM IST
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करोड़ों के फर्जीवाड़े और टैक्स चोरी के मामले में हरियाणा में पहली बार जीएसटी एक्ट की धारा-132 के तहत किसी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी संजय बालोटिया मूलरूप से चुरू, राजस्थान निवासी है। उसकी सनौली में संजय यार्न ट्रेडर्स के नाम से फर्म है। वह धागे का बड़ा व्यापारी है। वह जीएसीटी फर्जीवाड़े का आरोपी है।
गौरतलब है कि पुलिस ने जून के पहले सप्ताह में कार से तीन लोगों को पकड़ा था, जो फर्जी बिलिंग व्यापारियों को मुहैया कराते थे। जिससे इनपुट टैक्स क्रेडिट जनरेट कर जीएसटी चोरी की जाती थी। इस मामले में संजय बालोटिया फरार चल रहा था। सीआईए टू ने चार आरोपियों राजेश मितल, इंद्रप्रताप सिंह, मनीष कुमार, सतनाराण रोहिल्ला को जून के पहले सप्ताह में गिरफ्तार किया था।
जांच के दौरान सामने आया था कि 19 फर्म फर्जी थीं। 18 पानीपत में रजिस्टर्ड थीं। कुल 800 करोड़ के फर्जी बिल जारी किए गए थे। पानीपत में 20 करोड़ के टैक्स चोरी का मामला सामने आया था। इन फर्जी बिलों की जांच करने के बाद विभाग ने शहर की कुछ फर्मों को समन जारी कर तलब किया था और उनके बयान दर्ज किए थे।
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जांच में सामने आया कि आरोपी संजय भालोटिया ने अपना धागा कम दामों पर बेचकर टैक्स चोरी करने के लिए 18 फर्जी फर्मों द्वारा फर्जी बिल उपलब्ध करवा दिए थे। उप-आबकारी व कराधान आयुक्त राजाराम नैन ने बताया कि फर्जी बिलिंग करने वाले व्यापारी विभाग के रडार पर हैं। टैक्स चोरों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। फर्जी बिलिंग करने वाले व्यापारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी अपनाई जा रही है।
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गौरतलब है कि पुलिस ने जून के पहले सप्ताह में कार से तीन लोगों को पकड़ा था, जो फर्जी बिलिंग व्यापारियों को मुहैया कराते थे। जिससे इनपुट टैक्स क्रेडिट जनरेट कर जीएसटी चोरी की जाती थी। इस मामले में संजय बालोटिया फरार चल रहा था। सीआईए टू ने चार आरोपियों राजेश मितल, इंद्रप्रताप सिंह, मनीष कुमार, सतनाराण रोहिल्ला को जून के पहले सप्ताह में गिरफ्तार किया था।
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जांच के दौरान सामने आया था कि 19 फर्म फर्जी थीं। 18 पानीपत में रजिस्टर्ड थीं। कुल 800 करोड़ के फर्जी बिल जारी किए गए थे। पानीपत में 20 करोड़ के टैक्स चोरी का मामला सामने आया था। इन फर्जी बिलों की जांच करने के बाद विभाग ने शहर की कुछ फर्मों को समन जारी कर तलब किया था और उनके बयान दर्ज किए थे।
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जांच में सामने आया कि आरोपी संजय भालोटिया ने अपना धागा कम दामों पर बेचकर टैक्स चोरी करने के लिए 18 फर्जी फर्मों द्वारा फर्जी बिल उपलब्ध करवा दिए थे। उप-आबकारी व कराधान आयुक्त राजाराम नैन ने बताया कि फर्जी बिलिंग करने वाले व्यापारी विभाग के रडार पर हैं। टैक्स चोरों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। फर्जी बिलिंग करने वाले व्यापारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी अपनाई जा रही है।