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ट्रैफिक पुलिस की तर्ज पर अतिक्रमण हटाने वाला दस्ता भी काटेगा चालान
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चंडीगढ़। नगर निगम अब ट्रैफिक पुलिस की तर्ज पर शहर में चालान काटेगा। निगम को बैंक से मुफ्त में 25 पीओएस मशीन मिल गई हैं। इन हाईटेक मशीनों में निगम की एप्लीकेशन डाउनलोड की जाएगी। उसकेबाद अतिक्रमण हटाने वाला दस्ता मौके पर ही चालान की रसीद दे सकेंगे। साथ ही किसी भी माध्यम से दस्ते को भुगतान कर सकेंगे। निगम पहले चरण में 10 मशीन अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते को, 4 एमओएच विभाग को, 2 बागवानी विभाग और 10 वेंडर सेल को देगा।
निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते की ओर सेे पर्ची कटने के बाद लोगों को भुगतान में समस्या होती थी। वहीं निगम के उप निरिक्षकों के पास कैमरे की भी समस्या थी। अब एक्सिस बैंक की ओर से निगम को पीओएस मशीन उपलब्ध कराई गई हैं। इन मशीनों में ईडब्ल्यूसी साफ्टवेयर अपलोड करने के बाद एक सिम डाली जाएगी। जिसकी फोर जी स्पीड होगी। किसी भी माध्यम से भुगतान की व्यवस्था होगी। मशीनों मेंकैमरा लगा होने से अतिक्रमण करने वालों का फोटो खींचना भी आसान होगा। आयुक्त का कहना है कि यह व्यवस्था सही रही तो आगे वेंडर सेल, पब्लिक हेल्थ में पानी के बिल, घर-घर से कचरा लेने के दौरान चालान और अन्य सुविधाओं के लिए भी मशीनों का उपयोग किया जाएगा।
टेबलेट की योजना रद्द कर बचाए साढे़ तीन लाख रुपये
निगम ने अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते को चालान करने के लिए 10 टेबलेट देने की योजना बनाई थी। साथ ही बैंक से पीओएस मशीन लेने को कहा था। उसके बाद अधिकारियों की बैठक में सामने आया कि ट्रैफिक पुलिस की तरह ही यहां भी व्यवस्था कर सकते हैं। बैंक से बात करने पर पता चला कि यह मशीनें मुफ्त में मिल सकती हैं। इस तरह निगम ने साढ़े तीन लाख रुपये बचा लिए।
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निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते की ओर सेे पर्ची कटने के बाद लोगों को भुगतान में समस्या होती थी। वहीं निगम के उप निरिक्षकों के पास कैमरे की भी समस्या थी। अब एक्सिस बैंक की ओर से निगम को पीओएस मशीन उपलब्ध कराई गई हैं। इन मशीनों में ईडब्ल्यूसी साफ्टवेयर अपलोड करने के बाद एक सिम डाली जाएगी। जिसकी फोर जी स्पीड होगी। किसी भी माध्यम से भुगतान की व्यवस्था होगी। मशीनों मेंकैमरा लगा होने से अतिक्रमण करने वालों का फोटो खींचना भी आसान होगा। आयुक्त का कहना है कि यह व्यवस्था सही रही तो आगे वेंडर सेल, पब्लिक हेल्थ में पानी के बिल, घर-घर से कचरा लेने के दौरान चालान और अन्य सुविधाओं के लिए भी मशीनों का उपयोग किया जाएगा।
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टेबलेट की योजना रद्द कर बचाए साढे़ तीन लाख रुपये
निगम ने अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते को चालान करने के लिए 10 टेबलेट देने की योजना बनाई थी। साथ ही बैंक से पीओएस मशीन लेने को कहा था। उसके बाद अधिकारियों की बैठक में सामने आया कि ट्रैफिक पुलिस की तरह ही यहां भी व्यवस्था कर सकते हैं। बैंक से बात करने पर पता चला कि यह मशीनें मुफ्त में मिल सकती हैं। इस तरह निगम ने साढ़े तीन लाख रुपये बचा लिए।
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