हरियाणा का यह शहर बन रहा नशा तस्करी का गढ़, रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस का खास फोकस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में सिरसा स्थित फतेहाबाद क्षेत्र भी नशे का गढ़ बनता जा रहा है। इसे लेकर जहां पुलिस प्रशासन काफी गंभीर है, वहीं गत माह पुलिस ने इस इलाके में खास फोकस कर अभियान चलाया और नशे से जुड़े 44 केस दर्ज कर 60 लोगों को गिरफ्तार किया।
इस अवधि के दौरान पुलिस ने पकड़े गये लोगो के कब्जे से 1 किलो 310 ग्राम अफीम, 63 किलो 460 ग्राम चूरापोस्त, 406.5 ग्राम हेरोइन, 1 किलो 687 ग्राम गांजा, 2.20 ग्राम स्मैक, 24415 नशीली गोलियां व 21 बोतल नशीली सिरप भी बरामद की हैं।
इसके अतिरिक्त, पुलिस द्वारा एक महीने में 8 लाख 22 हजार की नकदी भी जब्त की गई है। जबकि अवैध शराब तस्करी के 61 मामलों में 63 व्यक्ति को काबू कर 2651 बोतल देशी व अंग्रेजी शराब जब्त करने अलावा 45 किलो लाहन भी पकड़ा गया है।
पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने कहा कि नशे के खिलाफ पुलिस अपने अभियान को और तेज और सख्त बनाने वाली है। उन्होंने आम लोगों से आग्रह किया कि नशे व मादक पदार्थों की बिक्री व खपत से संबंधित जानकारी निडर होकर पुलिस के साथ साझा करे ताकि नशे जैसी बुराई को समाप्त कर एक नशामुक्त व अपराध मुक्त समाज की स्थापना की जा सके।
पुलिस का दावा, पिछले साल मई की अपेक्षा इस साल क्राइम कम
-हरियाणा पुलिस ने दावा किया है कि वर्ष 2018 के मई महीने में जितना अपराध प्रदेश में हुआ, इस साल मई में इसके अपेक्षाकृत क्राइम का ग्राफ कम हुआ है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि इसी अवधि में गत वर्ष 3062 आपराधिक मामलों की तुलना में इस साल मई माह में 3022 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष से 1.32 प्रतिशत कम है।
इसी प्रकार, प्रदेश ने मई 2019 में संपत्ति से संबधित अपराध की कुल 3013 घटनाएं दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज 3127 घटनाओं की तुलना में 3.78 प्रतिशत कम हैं।
उन्होंने बताया कि मई 2019 में अपहरण के 362, जबकि मई 2018 में 542 मामले दर्ज हुए। मई 2019 में हत्या के प्रयास के मामले 101 से घटकर 81 रह गए, गैर-इरादतन हत्या मामले की संख्या 8 से घटकर 3, आत्महत्या के लिए उकसाने की घटनाएं 69 से कम होकर 60, आपराधिक धमकी 284 से कम होकर 271, चोरी की 2226 से 2144, स्नैचिंग के 342 से कम होकर 201 केस दर्ज हुए।
डकैती व लूटपाट 99 केस दर्ज किए गए, जबकि 2018 में यह आंकड़ा 114 था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आमजन को भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
एडीजीपी ने कहा कि अपराध विशेषकर संगठित अपराध को और कम करने के लिए पुलिस टीमों द्वारा गश्त बढ़ाकर बदमाशों पर कड़ी कार्रवाई, अवैध हथियार व ड्रग्स आदि को जब्त किया जाएगा।