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चंडीगढ़: अब भाजपा व आप के 14-14 वोट, मेयर चुनाव में होगा घमासान, बबला का दावा- कांग्रेस के कई और पार्षद जल्द छोड़ेंगे पार्टी
Mon, 03 Jan 2022 01:32 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 03 Jan 2022 01:32 AM IST
सार
देवेंद्र सिंह बबला ने रविवार को अपनी पार्षद पत्नी हरप्रीत कौर बबला के साथ भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। बबला ने दावा किया है कि कुछ और कांग्रेस के पार्षद भी भाजपा में शामिल होंगे।
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देवेंद्र सिंह बबला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर नगर निगम पहुंचीं हरप्रीत कौर बबला और उनके पति देवेंद्र सिंह बबला के भाजपा में शामिल होने से अब मेयर चुनाव में घमासान के पूरे आसार हैं। निगम चुनाव में सबसे अधिक 14 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी और भाजपा के वोट अब बराबर हो गए हैं। हालांकि दोनों ही पार्टियां अभी भी मेयर बनाने के जादुई आंकड़े से पांच वोट दूर हैं।
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नगर निगम चुनाव में भाजपा को 12, कांग्रेस को 8 और अकाली दल को एक सीट मिली है। मेयर चुनाव में एक वोट स्थानीय सांसद का भी होता है, इसलिए कुल 36 वोट हो जाते हैं। इसमें जिस भी पार्टी के पास 19 वोट होंगे, उनका मेयर बन जाएगा। किरण खेर भाजपा की सांसद हैं, इसलिए भाजपा के पास 13 वोट हैं। रविवार को कांग्रेस की हरप्रीत कौर बबला भाजपा में शामिल हो गईं, इसलिए अब भाजपा के खाते में भी 14 वोट हो गए हैं। आप के पास भी 14 वोट हैं। वहीं, कांग्रेस के पास अब सात वोट ही बचे हैं।
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अब भाजपा और आम आदमी पार्टी को मेयर बनाने के लिए पांच वोट की जरूरत है और दोनों की नजर कांग्रेस के पार्षदों पर है। आम के प्रदेश संयोजक प्रेम गर्ग का कहना है कि शहरवासियों ने 14 सीटें देकर आप को चुना है, इसलिए उनकी पार्टी का मेयर बनना चाहिए। जबकि, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद का कहना है कि अन्य पार्टियों के पार्षद अपनी अंतरआत्मा की आवाज सुनकर और शहर में विकास को गति को देने के लिए भाजपा का मेयर बनाएं। दूसरी तरफ, भाजपा में शामिल होने के बाद बबला ने कहा कि जल्द कांग्रेस के कई पार्षद भाजपा का दामन थामेंगे।
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बबला की पत्नी को मेयर प्रत्याशी बनाने की चर्चा
बबला के भाजपा में शामिल होने के बाद सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि भाजपा बबला की पत्नी हरप्रीत कौर को अपना मेयर प्रत्याशी बना सकती है। रविवार को ये चर्चा जोरों पर थी कि भाजपा और बबला में इसी बात पर सहमति बनी है। हालांकि इस सवाल पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि हरप्रीत कौर बबला पूर्व पार्षद रही हैं। काबिल राजनेता हैं, सभी चीजों में उन्हें महारत हासिल है। वो काफी बड़े मार्जिन के साथ जीती हैं लेकिन भाजपा की तरफ से मेयर प्रत्याशी कौन होगा, इसका फैसला चुनाव समिति की बैठक में होगा। ये फैसला पूरी पार्टी मिलकर लेती है और जो भी फैसला होगा वो सभी को मान्य होगा।
7 या 8 को हो सकता है मेयर चुनाव, आज हो सकती है घोषणा
नवनिर्वाचित 35 पार्षदों के शपथ लेने के बाद अब मेयर चुनाव पर सबकी नजरें टिकी हैं। किसी भी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है, इसलिए मेयर का चुनाव अब जंग में बदल गया है। डीसी की तरफ से अभी चुनाव की तिथियों की घोषणा नहीं की गई है लेकिन सूत्रों के अनुसार 7 या 8 जनवरी को मेयर चुनाव हो सकता है। सभी राजनीतिक पार्टियां इसी तिथि के अनुसार, अपनी रणनीति बनाकर चल रही हैं। सोमवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की जा सकती है।