अब रेलकर्मियों को जबरन किया जाएगा सेवानिवृत्त, जानें वजह
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रेलवे में कई तरह की पोस्ट सरेंडर करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है। जिन कर्मियों की नौकरी तीस साल की हो चुकी है उनके पिछले पांच साल के कामकाज के रिकार्ड को देख उन्हें सेवानिवृत्त किए जाने की तैयारी कर ली गई है।
इसके लिए फिरोजपुर और अंबाला डिवीजन के तीन रेल अधिकारियों की कमेटी गठित की गई है। दिल्ली हेड क्वार्टर से इस संबंधी पत्र फिरोजपुर डिवीजन में आने के बाद रेलकर्मियों में खलबली मच गई है।
बताया जा रहा है कि रेल डिवीजन फिरोजपुर में तीस साल की सर्विस पूरी करने वाले रेलकर्मियों की संख्या लगभग 4400 है। रेल डिवीजन फिरोजपुर के पर्सनल विभाग के अधिकारी ने बताया कि गठित की गई कमेटी उन कर्मियों के रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल कर रही है।
तीन रेल अधिकारियों की कमेटी गठित
जिन रेलकर्मियों की सर्विस तीस साल हो चुकी है और उनकी आयु 50/55 साल है। जिन कर्मियों के कामकाज में कोताही बरतने की बात सामने आती है उन्हें सेवानिवृत्त किया जाएगा।
रेल डिवीजन फिरोजपुर में ऐसे रेलकर्मियों की संख्या 4400 है। यह रेलवे बोर्ड की पोस्ट सरेंडर करने की रणनीति है। ऐसा कर रेलवे को निजीकरण की तरफ धकेला जा रहा है।
अधिकारी का कहना है कि इंडियन रेलवे के सभी डिवीजनों में ऐसा किया जा रहा है। कई कमेटियां गठित हो चुकी हैं जो विभिन्न डिवीजनों के ऐसे रेलकर्मियों के रिकार्ड की जांच-पड़ताल कर उसे सेवानिवृत्त करेगी। उक्त अधिकारी ने इससे संबंधित रेल डिवीजन फिरोजपुर को दिल्ली से आया पत्र भी दिखाया।