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अब यहां बनेगा पैरा मेडिकल स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 21 Dec 2013 01:46 AM IST
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पैरा मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग के लिए चंडीगढ़ में बनने वाला रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंस (आरआईएएचएस) अब सेक्टर-48 में बनेगा।
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इस इंस्टीट्यूट को पहले सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच परिसर में बनाने का प्रस्ताव था। प्रशासन ने आरआईएएचएस को जीएमसीएच परिसर में जमीन देने से इंकार कर दिया और सेक्टर-48 में जीएमसीएच के रिहायशी क्षेत्र के पास लगभग छह एकड़ जमीन देने की सहमति दे दी है।
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चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। यहां आरआईएएचएस का एकेडमिक और प्रशासनिक ब्लॉक के साथ साथ स्टाफ के लिए मकान भी बनेंगे।
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प्रशासन के अधिकारियों का मानना है कि जीएमसीएच को भविष्य में विस्तार के लिए वहां और जमीन की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में जीएमसीएच में जगह न दी जाए।
पैरा मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से चंडीगढ़ सहित देश भर में आठ रीजनल और दिल्ली में एक नेशनल इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है।
मंत्रालय ही इन इंस्टीट्यूट्स का निर्माण कराएगा और बजट भी मंजूर करेगा। मंत्रालय ने कंसलटेंट की नियुक्ति कर दी है। प्रशासन को सिर्फ जमीन देनी होगी।
यह प्रोजेक्ट 73 करोड़ रुपये का है। यह इंस्टीट्यूट 2016 तक शुरू होने की उम्मीद है और यहां पैरा मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग के लिए 26 कोर्स चलाए जाएंगे दो कि एक से तीन साल के होंगे।
प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने कहा कि आरआईएएचएस के लिए सेक्टर-48 में 6 एकड़ जमीन अलॉट करने का फैसला ले लिया गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के इस प्रोजेक्ट के लिए प्रशासन से जमीन मांगी गई थी। जीएमसीएच-32 के निदेशक डॉ. अतुल सचदेवा ने कहा कि अभी सभी अस्पतालों को ट्रेंड पैरा मेडिकल स्टाफ मिलने में दिक्कत आती है। इंस्टीट्यूट बनने के बाद यह कमी दूर हो जाएगी।