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Chandigarh News: हरियाणा में अब जमीन के बंटवारे के मामलों का हो सकेगा जल्दी निपटान

Fri, 28 Jun 2024 04:35 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jun 2024 04:35 AM IST
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Now land distribution cases can be settled quickly in Haryana
-मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा भूमि राजस्व (संशोधन) अधिनियम, 2024 को मंजूरी
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में अब भूमि के बंटवारे के मामलों को जल्दी निपटाया जा सकेगा। इसके लिए हरियाणा मंत्रिमंडल ने राजस्व विभाग के प्रस्ताव को मानते हुए हरियाणा भूमि राजस्व अधिनियम, 1887 (पंजाब अधिनियम XVII, 1887) में संशोधन को मंजूरी दी है। नए अधिनियम को हरियाणा भूमि राजस्व (संशोधन) अधिनियम, 2024 कहा जाएगा।
हरियाणा में इस समय जमीन बंटवारे को लेकर लाखों मामले तहसीलों में लंबित हैं। लंबित मामलों को जल्दी सुलझाने को लेकर नए अधिनियम को लागू किया जाना है। इस संशोधन अधिनियम के लागू होने की तिथि से ऐसी अवधि के भीतर अधिकार क्षेत्र वाले राजस्व अधिकारी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज सभी सह-हिस्सेदारों या सह-हिस्सेदारों जिनके पक्ष में म्यूटेशन स्वीकृत किए गए हैं, उनको नोटिस जारी करने की तारीख से छह महीने की अवधि के भीतर आपसी सहमति से उनके संयुक्त स्वामित्व में भूमि का बंटवारा करवाने के लिए सेल्फ मोटीवेशन के नोटिस जारी करेंगे।
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हालांकि, यह प्रावधान उन जगहों पर लागू नहीं होगा, जहां सभी सह-हिस्सेदार रक्त से संबंधित हैं या जहां अन्य सह-हिस्सेदार पति या पत्नी है। इसके अलावा यह भी प्रावधान है कि जहां सह-हिस्सेदार रक्त से संबंधित हैं, इस धारा के प्रावधानों को किसी भी सह-हिस्सेदार द्वारा संयुक्त स्वामित्व वाली भूमि जोत के बंटवारे की मांग करते हुए भूस्वामी को अपना हिस्सा बंटवारा करवाने के लिए राजस्व अधिकारी को नोटिस देकर लागू किया जा सकता है।
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एचएसआईआईडीसी को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये के ऋण लेने की मंजूरी
हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा भूमि अधिग्रहण, बुनियादी ढांचे के विकास, भूतपूर्व भू-स्वामियों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने और ऋणों का भुगतान करने के लिए दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए 200 करोड़ रुपये के ऋण लेने को मंजूरी प्रदान की गई।

शहीदों के सम्मान में योजना का नाम बदला
अनुकंपा नियुक्ति (सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल युद्ध में हताहत हुए परिवार के सदस्यों के लिए) नीति 2023 को और अधिक प्रभावशाली नाम ‘वीर शहीद सम्मान योजना’ के साथ संशोधित करने की स्वीकृति प्रदान की है।

ठेकेदारों को बयाना राशि से छूट
राज्य में ठेकेदारों के पंजीकरण और नामांकन के लिए नए नियम “हरियाणा पंजीकरण-सह-सूचीबद्धता नियम -2023” को मंजूरी दी गई। इन नए नियम के तहत पंजीकृत-सह-सूचीबद्ध ठेकेदारों द्वारा बयाना राशि जमा (अरनेस्ट मनी डिपोजिट) करने से छूट प्रदान की जाएगी। हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल (एचईडब्ल्यूपी) पर ठेकेदारों का पंजीकरण किया जाता है।

टीडीआर प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए एसओपी तैयार

हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच और प्रक्रिया के ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए मंत्रिमंडल ने घटनोत्तर स्वीकृति दी गई है, चूंकि भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया रुक गई थी। एसओपी का उद्देश्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि एकत्रीकरण को सुगम बनाना है। एसओपी केवल ऐसे मामलों पर लागू होगी, जिनमें निर्णय की घोषणा के साथ अधिग्रहण की कार्यवाही समाप्त नहीं हुई है। यह लाभ 16 नवंबर, 2021 की टीडीआर नीति के अनुसार ही स्वीकार्य होगा और कोई भी भूमि खंड और भूमि मालिक जो 16 नवंबर, 2021 की टीडीआर नीति में परियोजनाओं की श्रेणी में शामिल नहीं हैं, वे इस एसओपी के तहत किसी भी लाभ के हकदार नहीं होंगे। विशेष रूप से, एसओपी में टीडीआर प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए आवेदन जमा करने, सैद्धांतिक मंजूरी जारी करने, अधिग्रहण कार्यवाही से जुड़ी एजेंसी द्वारा प्रक्रिया और दस्तावेजीकरण और टीडीआर प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

पुलिस कर्मियों के लिए दैनिक भत्ता महीने में 20 दिन तक बढ़ाया
हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में सभी पुलिसकर्मियों के लिए, चाहे वे किसी भी स्थान पर तैनात हों, दैनिक भत्ता बढ़ाकर महीने में 20 दिन करने को मंजूरी दी गई। इससे

प्रदेश के 60 हजार से अधिक पुलिस कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इस निर्णय से पुलिस स्टेशनों पर तैनात पुलिसकर्मियों की तर्ज पर सभी पुलिसकर्मी अधिकतम 20 दिन का दैनिक भत्ता लेने के पात्र होंगे। इससे पुलिस कर्मचारियों को आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रति माह 20 दिन तक दैनिक भत्ता प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्रायः 10 दिनों से अधिक समय तक स्टेशन से बाहर रहते हैं और कभी-कभी तो किसी विशेष माह में यह अवधि 20 दिनों से भी अधिक हो जाती है।
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