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Chandigarh News: सिद्धू हत्याकांड में अब 21 अप्रैल को होगी सुनवाई
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चंडीगढ़। राष्ट्रीय निशानेबाज सिप्पी सिद्धू हत्याकांड में करीब डेढ़ महीने बाद सोमवार को सीबीआई अदालत में फिर सुनवाई हुई। इस दौरान एक गवाह के बयान दर्ज होने थे लेकिन अदालत ने मामले में अगली सुनवाई 21 अप्रैल को तय कर दी। साल 2024 में केस मैनेजमेंट के तहत इस मामले को दिसंबर महीने में खत्म किया जाना था।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी सिद्धू की सेक्टर-27 स्थित पार्क में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की पुलिस के बाद सीबीआई को जांच सौंपी गई थी। सीबीआई ने कल्याणी सिंह को हत्याकांड में नामजद किया था। इस मामले का ट्रायल सीबीआई अदालत में चल रहा है। इसमें अदालत ने दिसंबर 2024 तक फैसला देने के लिए इसे मैनेजमेंट लिस्ट में रखा था। मैनेजमेंट के तहत जुलाई महीने में केवल चश्मदीद गवाह और अन्य की गवाही अगस्त और सितंबर में की गई थी। अक्तूबर में केवल मामले से संबंधित विशेषज्ञों को बयान देने के लिए बुलाया गया था जबकि नवंबर के पहले सप्ताह में कल्याणी के बयान दर्ज होने थे लेकिन निर्धारित समय पर सुनवाई नहीं होने के चलते मामले में देरी होती गई और सोमवार को करीब दो महीने बाद सुनवाई हुई, जिसमें एक युवक की गवाही होनी थी लेकिन अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख दे दी जिसके चलते अब फैसले में भी देरी होगी। सोमवार को अभियोजन पक्ष गवाह भी मौजूद थे लेकिन फिर भी मामले को 21 अप्रैल तक टाल दिया गया है। इस बारे में सिप्पी सिद्धू के छोटे भाई एडवोकेट जसमनप्रीत सिंह सिद्धू उर्फ जिप्पी सिद्धू का कहना है कि वे अदालत की अब तक हुई कार्रवाई से संतुष्ट हैं लेकिन 2015 में हत्या के बाद से पहले ही मामले में साढ़े 9 साल बीत चुके हैं, उन्हें असहाय और भावनात्मक रूप से थका हुआ महसूस कराया जा रहा है।
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गौरतलब है कि वर्ष 2015 में सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी सिद्धू की सेक्टर-27 स्थित पार्क में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की पुलिस के बाद सीबीआई को जांच सौंपी गई थी। सीबीआई ने कल्याणी सिंह को हत्याकांड में नामजद किया था। इस मामले का ट्रायल सीबीआई अदालत में चल रहा है। इसमें अदालत ने दिसंबर 2024 तक फैसला देने के लिए इसे मैनेजमेंट लिस्ट में रखा था। मैनेजमेंट के तहत जुलाई महीने में केवल चश्मदीद गवाह और अन्य की गवाही अगस्त और सितंबर में की गई थी। अक्तूबर में केवल मामले से संबंधित विशेषज्ञों को बयान देने के लिए बुलाया गया था जबकि नवंबर के पहले सप्ताह में कल्याणी के बयान दर्ज होने थे लेकिन निर्धारित समय पर सुनवाई नहीं होने के चलते मामले में देरी होती गई और सोमवार को करीब दो महीने बाद सुनवाई हुई, जिसमें एक युवक की गवाही होनी थी लेकिन अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख दे दी जिसके चलते अब फैसले में भी देरी होगी। सोमवार को अभियोजन पक्ष गवाह भी मौजूद थे लेकिन फिर भी मामले को 21 अप्रैल तक टाल दिया गया है। इस बारे में सिप्पी सिद्धू के छोटे भाई एडवोकेट जसमनप्रीत सिंह सिद्धू उर्फ जिप्पी सिद्धू का कहना है कि वे अदालत की अब तक हुई कार्रवाई से संतुष्ट हैं लेकिन 2015 में हत्या के बाद से पहले ही मामले में साढ़े 9 साल बीत चुके हैं, उन्हें असहाय और भावनात्मक रूप से थका हुआ महसूस कराया जा रहा है।
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