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केंद्र सरकार का आदेश, अब देश भर में खुले में नहीं रखा जाएगा अनाज

Mon, 06 Nov 2017 09:23 AM IST
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 06 Nov 2017 09:23 AM IST
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Now grains will not be kept open in Mandi, all over the country
अनाज को खुले में ढककर रखने की प्रथा होगी समाप्त
देश में रखरखाव के अभाव में सड़ते अनाज को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने अनाज को ढककर रखने की परंपरा को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस संदर्भ में सभी संबंधित विभागों को पत्र के माध्यम से दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। केंद्र सरकार के इस फैसले के कारण अब अगले सीजन से देश भर में अनाज गोदामों में ही रखा जाएगा।
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मामला हरियाणा में बर्बाद हुए अनाज को बेचने की व्यवस्था करने के लिए दाखिल की गई याचिका से जुड़ा हुआ है। याचिका पर जारी नोटिस के जवाब में एफसीआई और हरियाणा सरकार ने बताया था कि उनके पास रखा अनाज खराब ही नहीं हुआ है। ऐसे में अनाज के निपटारे की बात ही नहीं उठती।
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इस दौरान एफसीआई ने कोर्ट को बताया कि खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्रालय ने दिशा निर्देश दिए हैं कि अगले सीजन से सारा अनाज गोदामों में रखा जाएगा। हाईकोर्ट ने यह बात सामने आने के याचिका का निपटारा कर दिया।
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क्या है कैप सिस्टम

Now grains will not be kept open in Mandi, all over the country
अनाज को खुले में ढककर रखने की प्रथा होगी समाप्त
क्या है कैप सिस्टम
कैप सिस्टम में 50 किलो अनाज के जूट के बैग होते हैं, जिन्हें खुले में 8.55 मीटर लंबाई और 6.30 मीटर की चौड़ाई में रखा जाता है। एक कैप में सामान्यता 1500 टन अनाज रखा जाता है। इसकी ऊंचाई कोनाें पर 4.5 मीटर तथा मध्य में 6 मीटर होती है। इस सिस्टम को इसलिए सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है क्योंकि इससे गोदाम की अपेक्षा 25 प्रतिशत की कम लागत में अनाज को रखा जा सकता है। हालांकि इस पर लगने वाले कवर को समय-समय पर हटाना जरूरी होता है वरना अनाज सड़ने लगता है।

गोदामों की संख्या है कम
हालांकि केंद्र की तरफ से कैप स्टोरेज सिस्टम को समाप्त करने के निर्णय से लाखों टन अनाज को खराब होने से बचाया जा सकेगा। इसके लिए सबसे बड़ी समस्या गोदामों की उपलब्धता की होगी। अनाज के मुकाबले गोदामों की संख्या देश भर में काफी कम है। 
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