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बर्थ सर्टिफिकेट में गलती है तो जल्दी से ठीक करवाएं, ये रही लास्ट डेट

Fri, 19 Aug 2016 09:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Fri, 19 Aug 2016 09:42 PM IST
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notification for correction in birth certificate and for new birth certificate
जन्म प्रमाण पत्र - फोटो : डेमो फोटो
यदि आपके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है या है और उसमें कोई गलती है तो इस तारीख तक बनवा लें या ठीक करवा लें। अगर ऐसा नहीं कर पाए तो न तो आपका पासपोर्ट बनेगा एवं न ही आप खेलों में भाग ले सकेंगे। इसके अलावा आपके कई जरूरी कार्य बीच में अटक जाएंगे। जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता कभी भी आपकी मुसीबत बन सकती है।
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इसमें राहत सिर्फ इतनी है कि न्यायालय के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग 31 दिसंबर 2019 तक ही संबंधित व्यक्तिओं को दस्तावेज बनवाने का अंतिम मौका दे रहा है। बर्थ एंड डेथ एक्ट 1969 उन लोगों की मुसीबत बना हुआ है जिनके पास जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं है या उनमें गलतियां हैं। नया प्रमाणपत्र बनवाने के लिए और गलतियों को सही कराने में इतने कागजात मांगे गए हैं कि स्वयं आवेदक और विभाग सिर पकड़ कर बैठ जाए।
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इसी का परिणाम है कि हर दिन सैकड़ों लोग सिविल सर्जन कार्यालय, उपायुक्त कार्यालय और पीजीआईएमएस के चक्कर काटने पर मजबूर हैं। आमजन की समस्या को देखते हुए न्यायालय ने भी कुछ अवधि के लिए छूट दी है, जिससे लोगों के कार्य हो जाएं। हालांकि, इस छूट के बाद नाम में परिवर्तन, जन्म तिथि में अंतर आदि को सही कराना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि विभाग जन्म से 21 दिन तक जन्म प्रमाण पत्र निशुल्क उपलब्ध कराता है। इसके बाद एक माह तक 10 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से फीस लेता है।
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इन्हें हैं प्रमाण पत्र देने का अधिकार
एक माह से एक साल तक जिला रजिस्ट्रार
21 दिन तक रजिस्ट्रार
एक साल से ऊपर डीसी

पुराना रिकार्ड कराया स्कैन
स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 1884 से 2004 तक का उपलब्ध रिकार्ड स्कैन करवा लिया है। क्योंकि यह रिकार्ड खराब होने की कगार पर था। विभाग की मानें तो जो रिकार्ड उर्दू में है उसके लिए स्पेशल एक कर्मचारी तैनात किया गया है जो रिकार्ड देख कर प्रमाणपत्र के लिए अपनी अनुमति देता है।


एक्ट के अनुसार एक से 15 साल तक यदि नाम नहीं लिखा गया है तो अब लिखवाया जा सकता है। इसके लिए स्कूल को जन्म प्रमाण पत्र और एफिडेविट देना होता है। इसके लिए लेट फीस 25 रुपये है। 15 साल से ऊपर वालों के लिए भी एक्ट के हिसाब से नाम लिखवाने की छूट दी गई है। इसमें माता पिता को एफिडेविट देना होता है। यदि विभाग के पास रिकार्ड नहीं होता तो एनओसी मिलेगा, बाद में स्कूल का प्रमाण पत्र, बच्चों का विवरण, माता पिता का जन्म प्रमाण पत्र, बच्चे का सरकार रिकार्ड, पड़ोसी और दाई की गवाही आदि देनी होती है।
- डॉ. रणबीर सिंह, एडिशनल डिस्ट्रिक रजिस्ट्रार, बर्थ एंड डेथ, स्वास्थ्य विभाग
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