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फर्जी एनकाउंटर में हत्या के दोषी तीन पुलिस कर्मियों को क्षमादान को चुनौती, पंजाब सरकार तलब

Tue, 19 Nov 2019 09:44 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 19 Nov 2019 09:44 AM IST
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notice to punjab government in case of murder in fake encounter
प्रतीकात्मक तस्वीर
फर्जी एनकाउंटर में हत्या के दोषी तीन पुलिस अधिकारियों को क्षमादान मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही पंजाब सरकार से इस बारे में स्टेटस रिपोर्ट भी तलब कर ली है। याचिका दाखिल करते हुए मृतक मुख्तियार सिंह के पिता हरभजन सिंह ने तीन पुलिस अधिकारियों को क्षमादान दिए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
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याची ने कहा कि 1992 में एएसआई हरभजन सिंह, एसआई अजीत तथा इंस्पेक्टर अमरीक सिंह ने उनके बेटे की फर्जी एनकाउंटर में हत्या की थी। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी और पटियाला की सीबीआई अदालत ने तीनों को दोषी मान उम्रकैद की सजा सुनाई थी। याची ने कहा कि क्षमदान देने को लेकर सुप्रीम कोर्ट दिशा निर्देश जारी कर चुका है जिसका पालन किए बगैर पंजाब सरकार गुरुनानक देव के 550 प्रकाश पर्व पर तीनों के क्षमादान पर विचार कर रही है।
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याची ने कहा कि नियम के अनुसार किसी भी कैदी को क्षमा दान देने से पहले पीड़ित परिवार पर, समाज पर व अन्य पक्षों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा इसकी समीक्षा जरूरी है। तीनों को क्षमादान देने से पहले पीड़ित पक्ष को सुनवाई का मौका तक नहीं दिया गया। पीड़ित पक्ष ने कहा कि वह 75 वर्ष का है उसका बेटा ही उनकेघर की रोजी रोटी का जरिया था और उसके जाने के बाद अब वह दाने-दाने को मोहताज है। बहबल कलां गोलीकांड पीड़ितों की तर्ज पर याची को भी 2 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
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