चंडीगढ़: अगर नहीं भरा संपत्ति कर तो निगम भेजेगा अंतिम नोटिस फिर कटेगा पानी का कनेक्शन
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नगर निगम ने संपत्ति कर न जमा कराने वाले 200 लोगों के पानी का कनेक्शन काटने का नोटिस जारी कर दिया है। एक माह में लोगों ने अपना संपत्ति कर जमा नहीं कराया तो उनका पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। निगम के अनुसार अभी शहर में लगभग 9 हजार ऐसे आवासीय लोग हैं, जिन्होंने अपना संपत्ति कर जमा नहीं कराया है।
अतिरिक्त कमिश्नर अनिल गर्ग ने बताया कि सामान्य रूप से हर साल 31 मार्च तक संपत्ति कर भरना होता है। कोरोना के कारण निगम ने इस बार 31 जुलाई तक का समय दिया था। इससे निगम को 39 करोड़ का रेवेन्यू आ चुका है। संपत्ति कर न भरने वाले लोगों को नोटिस जारी किया गया था। इसमें कुछ लोगों ने तो अपना कर जमा करा दिया, लेकिन कुछ लोगों का अभी भी बकाया है।
साल 2004 से अब तक संपत्ति कर न जमा कराने वालों को अंतिम नोटिस भेजा जा रहा है। अब भी कर जमा नहीं हुआ तो पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। साथ ही इस कर को उनके पानी के बिल के साथ जोड़ दिया जाएगा। वर्तमान में 9 हजार रेजिडेंशियल डिफॉल्टर हैं। इन पर लगभग 7 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं, 8 हजार कॉमर्शियल प्रॉपर्टी का टैक्स बकाया है।
होटल जेम्स प्लाजा व जगत थियेटर को भी भेजा था नोटिस
नगर निगम ने संपत्ति कर न जमा करने पर होटल जेम्स प्लाजा को 92 लाख 85 हजार रुपये का नोटिस भेजा था। इसके अलावा सेक्टर-17 स्थित जगत थियेटर को 59 लाख 92 हजार रुपये का नोटिस भेजा था। थियेटर संचालक ने 16 लाख रुपये जमा करा दिए थे। उसके बाद निगम ने संशोधित नोटिस 42 लाख का जारी किया है।
प्रशासन को भी भेजा है 10 करोड़ 23 लाख का नोटिस
इससे पहले निगम ने प्रशासन को दस करोड़ 23 लाख रुपये का नोटिस जारी किया था। नगर निगम ने प्रशासन की 150 से ज्यादा सरकारी इमारतों को चिह्नित किया है। इसके साथ रोड विंग व बिजली विभाग को नोटिस जारी कर दिया है। वहीं, निगम ने बिजली विभाग को 35 लाख रुपये का नोटिस भेजा है।
2020-21 के लिए रखा है 54 करोड़ का लक्ष्य
नगर निगम हर साल व्यवसायिक और आवासीय कर से 50 करोड़ से ज्यादा की कमाई करता है। साल 2020-21 सत्र के लिए नगर निगम ने इससे 54 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है। निगम के अधिकारियों ने बताया कि अगस्त माह में सेल्फ असेसमेंट स्कीम का लाभ शहर के लोगों को दिया था। इसलिए अब निजी भवन व दुकानों को भी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अब टैक्स जमा करवाने पर ब्याज के अलावा जुर्माना भी लग रहा है। पिछले साल भी नगर निगम ने प्रशासन की कुल 214 इमारतों को नोटिस भेजा था, जिनसे 44 करोड़ रुपये की वसूली करनी थी। नगर निगम को इससे काफी रेवेन्यू मिला था।
नोटिस भेजने के बावजूद संपत्ति कर न भरने वाले लोगों को अब अंतिम नोटिस जारी किया गया है। उसके बाद पानी कनेक्शन काटा जाएगा। - अनिल गर्ग, अतिरिक्त आयुक्त