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नोटबंदी: तीन दिन बैंकों में छुट्टी, जनता राम भरोसे

Sat, 10 Dec 2016 12:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 10 Dec 2016 12:26 AM IST
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notebandi effect, three day bank holiday, heavy rush at ATM
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार से सोमवार तक बैंक बंद हैं और करेंसी के मामले में इस दौरान आप भगवान भरोसे होंगे। क्योंकि जब बैंक खुले होते हैं तो 90 फीसदी एटीएम में कैश नहीं होता। जब बैंक बंद रहेंगे तब लोगों को कैसे कैश मिलेगा। क्योंकि जब एटीएम में पैसा नहीं तो लोग बैंक से पैसे निकाल लेते थे। जब तीन दिन बैंक भी बंद रहेंगे तब क्या हाल होगा।
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शुक्रवार को शहर में दोपहर तक 90 फीसदी एटीएम कैशलेस थे। सेक्टर 17 में एसबीआई के बाहर सैकड़ों लोग इस आस में खड़े थे कि बैंक खुलेगा तो एटीएम में कैश डलेगा और वो पैसे निकाल सकेंगे। लेकिन बैंक खुलने के बाद अंदर से बैंक के एजीएम बाहर आए और बताया कि दोपहर तक कैश एटीएम में नहीं डलेगा। इसके बाद सभी लोग एटीएम ढूंढने निकल पड़े। लेकिन पूरे बैंक स्क्वायर में सुबह के वक्त सर्फ दो एटीएम में ही नगदी थी। लेकिन सेक्टरों में तो हालत और भी खराब थी। वहां सुबह से लेकर दोपहर तक लगभग सभी एटीएम खाली थे।
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शुक्रवार को दोपहर तक शहर के 90 फीसदी एटीएम रहे कैशलेस

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एटीएम में उमड़ी जबरदस्त भीड़ - फोटो : File Photo
सेक्टर 44 की मंजीत कौर ने बताया कि कैश वाला एटीएम ढूंढते हुए सुबह से चार घंटे हो गए, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। सेक्टर 17 में इलाहाबाद बैंक के एटीएम में दो घंटे लाइन में लगने के बाद 2 हजार रुपये निकले हैं। जब आगे तीन दिन बैंक बंद रहेगा, उस दौरान  तो बुरा हाल होने वाला है। 

सेक्टर 15 निवासी केडी शर्मा ने बताया कि तीन दिन पहले एक एटीएम से 2500 हजार रुपये निकाले थे। अब जेब में सिर्फ 200 रुपये बचे हैं। इतने पैसे में कैसे घर चलेगा। पूरा शहर लगभग बैंक स्क्वायर के सहारे ही चल रहा है। लेकिन आज तो एसबीआई की मेन ब्रांच के एटीएम भी बंद हैं। जहां पर अब तक हमेशा पैेसे मिले हैं। 

वहीं एक प्राइवेट बैंक मैनेजर ने बताया कि बैंक खुला हो या बंद हो उससे क्या फर्क पड़ता है। जब बैंकों के पास कैश ही नहीं है तो वो एटीएम में डलेगा कैसे। इससे तो अच्छा है कि बैंक बंद ही रहें। कम से कम लोगों के गुस्से से तो बचेंगे। वैसे सुना है कि आरबीआई के पास कैश आया तो है। लेकिन बैंकों के पास कब आएगा ये नहीं पता।
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