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नोटबंदी का 23वां दिन: अबकी बार, पगार के लिए लंबी कतार
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Thu, 01 Dec 2016 10:32 PM IST
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बीएसएनएल कर्मचारियों को मिली दो-दो हजार पगार
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नोटबंदी के 23वें दिन बाद भी बैंकों के बाहर लोगों का जमावड़ा लगा रहा। पहली तारीख होने के कारण नौकरीपेशा लोग भी बैंकों की लाइन में लगे रहे। बीएसएनएल कर्मचारियों को दो-दो हजार रुपये पगार मिली। बीएसएनएल कर्मचारियों के अधिकतर खाते पंजाब नेशनल बैंक में हैं, लेकिन बैंकों में कैश लिमिट में आने के कारण खाताधारकों को कम पैसों में गुजारा करना पड़ा रहा है।
बीएसएनएल में कार्यरत बलबीर सिंह ने बताया कि उनके खाते में तनख्वाह आ चुकी है। प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि कोई भी व्यक्ति अपने खाते में से 24 हजार तक पैसे निकलवा सकता है। जब वह पैसे निकलवाने के लिए गए तो बैंक वालों ने दो हजार रुपये ही दिए। बलबीर ने बताया कि दो हजार में घर का गुजारा चलाना मुश्किल है। इसलिए उन्होंने पीएनबी के सर्कल हैड से बात कर सुविधा देने की मांग की है।
वहीं कैश न मिलने से नाराज लोगों का आरोप था कि सरकार के पास पर्याप्त रुप से तैयारी नहीं थी तो सरकार ने इतना बड़ा फैसला क्यों ले लिया। बैंकों के बाहर सुबह सात बजे से ही लाइनें लगनी शुरू हो गई थी। वहीं जब बैंक खुला तो बैंक वालों ने बाहर कैश न होने का बोर्ड लगा दिया। कुछ बैंकों ने कैश दिया लेकिन करीब 12 बजे सभी बैंकों में कैश खत्म हो गया था।
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बीएसएनएल में कार्यरत बलबीर सिंह ने बताया कि उनके खाते में तनख्वाह आ चुकी है। प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि कोई भी व्यक्ति अपने खाते में से 24 हजार तक पैसे निकलवा सकता है। जब वह पैसे निकलवाने के लिए गए तो बैंक वालों ने दो हजार रुपये ही दिए। बलबीर ने बताया कि दो हजार में घर का गुजारा चलाना मुश्किल है। इसलिए उन्होंने पीएनबी के सर्कल हैड से बात कर सुविधा देने की मांग की है।
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वहीं कैश न मिलने से नाराज लोगों का आरोप था कि सरकार के पास पर्याप्त रुप से तैयारी नहीं थी तो सरकार ने इतना बड़ा फैसला क्यों ले लिया। बैंकों के बाहर सुबह सात बजे से ही लाइनें लगनी शुरू हो गई थी। वहीं जब बैंक खुला तो बैंक वालों ने बाहर कैश न होने का बोर्ड लगा दिया। कुछ बैंकों ने कैश दिया लेकिन करीब 12 बजे सभी बैंकों में कैश खत्म हो गया था।
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बीएसएनएल कर्मचारियों को मिली दो-दो हजार पगार
23वें दिन भी बैंकों के बाहर लगा रहा लोगों का जमावड़ा
सुंदर नगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक के बाहर लाइन में खड़े सागर ने कहा कि वह एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उनकी सैलरी अकाउंट में आती है। हर बार एक तारीख को दोपहर में सैलरी निकलवा लेते हैं। इस बार एटीएम से दो हजार रुपये ही निकल पा रहे हैं। इस कारण वह बैंक के बाहर लाइन में खड़े हो गए। जब बैंक पहुंचे तो नगदी खत्म हो गई थी। महीने की दो तारीख को दूध, राशन के साथ साथ कई बिल देने होते हैं। अब दुकानदारों की मिन्नतें करनी पड़ेंगी।
समराला चौक के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर लाइन में खड़े मोहित ने कहा कि वह एक पाइप कंपनी में काम करते हैं। हर महीने एक तारीख को उनका चेक आ जाता है और वह बैंक में लगाकर तनख्वाह निकलवा लेते हैं। वीरवार को बैंक के बाहर लाइन में खड़े हुए तो चार घंटे के बाद जाकर उनकी बारी आई और चेक लगा पाए। जब उन्होंने पहले से बैंक खाते में पैसे निकलवाने चाहे तो बैंक वालों ने कैश न होने की बात कह उन्हें लौटा दिया।
समराला चौक के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर लाइन में खड़े मोहित ने कहा कि वह एक पाइप कंपनी में काम करते हैं। हर महीने एक तारीख को उनका चेक आ जाता है और वह बैंक में लगाकर तनख्वाह निकलवा लेते हैं। वीरवार को बैंक के बाहर लाइन में खड़े हुए तो चार घंटे के बाद जाकर उनकी बारी आई और चेक लगा पाए। जब उन्होंने पहले से बैंक खाते में पैसे निकलवाने चाहे तो बैंक वालों ने कैश न होने की बात कह उन्हें लौटा दिया।