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नोटबंदी का असर: चोरी और लूट की वारदातों में आई कमी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 21 Nov 2016 01:06 AM IST
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देश में नोटबंदी का असर सकारात्मक भी पड़ा है। शहर में चोरी की वारदातें बंद हो गई हैं। पुलिस विभाग में मजाक किया जा रहा है कि चोर भी पुराने नोट बदलवाने के लिए बैंकों में लगे हुए हैं। इसलिये दस दिनों से शहर में कोई बड़ी चोरी या लूट की वारदात नहीं हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक शहर में 9 नवंबर से लेकर 19 नवंबर तक सिर्फ 6 घरों में चोरियों व लूट के मामले दर्ज हुए है। जिसमें सबसे ज्यादा जो कैश चोरी हुआ है वो 1200 रुपये का है। पुलिस विभाग भी मान रहा है कि जब से 500 और 1000 के नोट बैन हुए हैं तब से शहर में क्राइम काफी कम हो गया है। चोरी, लूट, स्नैचिंग के मामले तो न के बराबर ही दर्ज हुए हैं।
जबकि वाहन चोरी व सामान के चोरी होने के मामले जरूर दर्ज किए गए हैं। लेकिन कोई भी बड़ा मामला सामने नहीं आया है। पुलिस रिकार्ड के आंकड़े बताते है कि 8 नवंबर की रात के बाद से बड़े नोटों से संबंधित क्राइम की कोई वारदात दर्ज नहीं हुई हैं। हां अलग-अलग मामलों में तीन गिरफ्तारी जरूर हो चुकी है।जबकि 8 नवंबर से पहले पिछले एक हफ्ते के क्राइम रूटीन रिकार्ड पर नजर डालें तो चोरी और लूट के कई मामले सामने आए थे।
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आंकड़ों के मुताबिक शहर में 9 नवंबर से लेकर 19 नवंबर तक सिर्फ 6 घरों में चोरियों व लूट के मामले दर्ज हुए है। जिसमें सबसे ज्यादा जो कैश चोरी हुआ है वो 1200 रुपये का है। पुलिस विभाग भी मान रहा है कि जब से 500 और 1000 के नोट बैन हुए हैं तब से शहर में क्राइम काफी कम हो गया है। चोरी, लूट, स्नैचिंग के मामले तो न के बराबर ही दर्ज हुए हैं।
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जबकि वाहन चोरी व सामान के चोरी होने के मामले जरूर दर्ज किए गए हैं। लेकिन कोई भी बड़ा मामला सामने नहीं आया है। पुलिस रिकार्ड के आंकड़े बताते है कि 8 नवंबर की रात के बाद से बड़े नोटों से संबंधित क्राइम की कोई वारदात दर्ज नहीं हुई हैं। हां अलग-अलग मामलों में तीन गिरफ्तारी जरूर हो चुकी है।जबकि 8 नवंबर से पहले पिछले एक हफ्ते के क्राइम रूटीन रिकार्ड पर नजर डालें तो चोरी और लूट के कई मामले सामने आए थे।
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