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नोटबंदी के फैसले से मोदी सरकार के खिलाफ हुए व्यापारी, देंगे महा धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Wed, 14 Dec 2016 09:55 PM IST
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नोटबंदी के फैसले से मोदी सरकार के खिलाफ हुए व्यापारी
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मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले से परेशान उद्यमियों ने बुधवार को काली झंडियां थामी और जम कर नारेबाजी की। अब महा धरना होगा। उद्यमियों का आरोप है कि नोटबंदी से औद्योगिक रफ्तार थम गई है, इकाईयां बंद हो रही हैं और श्रमिक बेरोजगार हो रहे हैं। इसके खिलाफ लुधियाना में पंजाब के विभिन्न औद्योगिक संगठन 16 दिसंबर को महा धरना देंगे।
इसकी तैयारियों को लेकर चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड ट्रेडिंग एंटरप्रिन्योर की बैठक हुई। जिसमें उद्यमियों ने धरने की कामयाबी को लेकर रणनीति बनाई। उद्यमियों ने 16 दिसंबर को विश्वकर्मा चौक में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की सभी को अपील की। प्रधान नरेंद्र भमरा ने कहा कि नोटबंदी के कारण पंजाब का फर्नेस उद्योग बुरी तरह से प्रभावित है। अधिकतर इकाईयां बंदी के कागार पर आ गई हैं। लाखों की संख्या में वर्कर बेरोजगार हो रहे हैं। सरकार की गलत नीतियों ने रफ्तार पकड़ रहे उद्योगों को जाम कर दिया है। कई इकाईयों में उत्पादन जीरो स्तर पर पहुंच गया है।
लोगों के पास काम की भारी कमी है। हालत यह है कि रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। इससे पंजाब सरकार एवं केंद्र को आठ नवंबर के बाद से अब तक 500 करोड़ के राजस्व का नुकसान हो चुका है। इंजीनियरिंग उद्योग में आस्तित्व के लिए जूझ रहा है। बैठक में कुलवंत सिंह एनकेएच, गुरजीत सिंह, रोशन लाल सिंगला, विनोद थापर, चरणजीव सिंह, हरविंदर सिंह, भूषण अब्बी, केके गर्ग, राजेश सोनी समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।
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इसकी तैयारियों को लेकर चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड ट्रेडिंग एंटरप्रिन्योर की बैठक हुई। जिसमें उद्यमियों ने धरने की कामयाबी को लेकर रणनीति बनाई। उद्यमियों ने 16 दिसंबर को विश्वकर्मा चौक में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की सभी को अपील की। प्रधान नरेंद्र भमरा ने कहा कि नोटबंदी के कारण पंजाब का फर्नेस उद्योग बुरी तरह से प्रभावित है। अधिकतर इकाईयां बंदी के कागार पर आ गई हैं। लाखों की संख्या में वर्कर बेरोजगार हो रहे हैं। सरकार की गलत नीतियों ने रफ्तार पकड़ रहे उद्योगों को जाम कर दिया है। कई इकाईयों में उत्पादन जीरो स्तर पर पहुंच गया है।
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लोगों के पास काम की भारी कमी है। हालत यह है कि रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। इससे पंजाब सरकार एवं केंद्र को आठ नवंबर के बाद से अब तक 500 करोड़ के राजस्व का नुकसान हो चुका है। इंजीनियरिंग उद्योग में आस्तित्व के लिए जूझ रहा है। बैठक में कुलवंत सिंह एनकेएच, गुरजीत सिंह, रोशन लाल सिंगला, विनोद थापर, चरणजीव सिंह, हरविंदर सिंह, भूषण अब्बी, केके गर्ग, राजेश सोनी समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।
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