माननीयों के बाद अधिकारियों का भी सदन से मन भरा: शून्यकाल में गैलरी में एक भी वरिष्ठ नहीं, कांग्रेस का हंगामा
घरौंडा से विधायक हरविंद्र कल्याण जैसे ही अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो किरण चौधरी ने उनको टोक दिया। चौधरी ने कहा कि न तो सदन में सीएम हैं और न ही डिप्टी सीएम और न ही अधिकारी। ऐसे में विधायकों की मांगों पर कार्रवाई कैसे होगी।
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हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन 17 मार्च को जहां विधायकों की कम हाजिरी के चलते 44 मिनट पहले विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ गई थी। वहीं मंगलवार को सत्र के प्रति वरिष्ठ अधिकारियों का रवैया भी कुछ इसी प्रकार का रहा। शून्यकाल के दौरान करीब 12.35 बजे सदन में विधायक अपनी बातें रख रहे थे, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों की गैलरी में एक भी अधिकारी मौजूद नहीं था। खाली सीटें देखकर कांंग्रेस विधायक किरण चौधरी और नीरज शर्मा ने इस पर आपत्ति जताई और विधानसभा स्पीकर से इस पर संज्ञान लेेने की मांग की।
घरौंडा से विधायक हरविंद्र कल्याण जैसे ही अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो किरण चौधरी ने उनको टोक दिया। चौधरी ने कहा कि न तो सदन में सीएम हैं और न ही डिप्टी सीएम और न ही अधिकारी। ऐसे में विधायकों की मांगों पर कार्रवाई कैसे होगी। क्या यह सदन में खानापूर्ति की जा रही है।
हालांकि, अध्यक्ष ने कहा कि ऊपर की गैलरी में एचओडी बैठे हैं, लेकिन चौधरी और नीरज शर्मा समेत अन्य कांग्रेसियों ने हंगामा शुरू कर दिया और कहा कि एक भी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं होना ठीक नहीं है। अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि वह इस पर संज्ञान लेंगे, ताकि भविष्य में ऐसा न हो। इसके तुरंत बाद एसीएस जी अनुपमा, अशोक मीणा, पंकज अग्रवाल समेत मुख्य सचिव संजीव समेत अन्य अधिकारी गैलरी में पहुंचे।
सीएम, डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष नहीं तो विधायक भी कम
शून्यकाल के दौरान जब गैलरी में एक भी अधिकारी नहीं था, उस समय सदन में विधायकों की संख्या भी कम रही। उस समय मुख्यमंत्री मनोहर लाल, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और नेताप्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा भी सदन में मौजूद नहीं थे। सीएम और डिप्टी सीएम सदन में हिस्सा लेकर बाहर चले गए थे, जबकि हुड्डा स्वास्थ्य खराब होने के चलते सदन में नहीं आ पाए।
दोपहर को सरकार की तरफ से सदन में 40 विधायकों में से मंत्री रणजीत चौटाला, कमलेश ढांडा, मूलंचद शर्मा, अनूप धानक, कमल गुप्ता, डाॅ. बनवारी लाल और विधायक दूड़ाराम, रामकुमार कशयप, भव्य बिशनोई, प्रवीन डागर, रणधीर गोलन, हरविंद्र कल्याण समेत अन्य विधायक मौजूद रहे। वहीं 30 विधायकों में से कांग्रेस के रेणु बाला, शैली चौधरी, नीरज शर्मा, सुरेंद्र पंवार, सुभाष गांगोली, रघुबीर कादियान, गीता भुक्कल, आफताब अहमद, जगबीर मलिक, इंदुराज नरवाल, मेवा सिंह, किरण चौधरी, बलवीर वाल्मीकि मौजूद रहे।
तहसील, उपमंडल और जिला बनाने के लिए कमेटी होगी गठित
हरियाणा में अब नई उप तहसील, तहसील, उपमंडल और जिला गठन के लिए नियम बनाए जाएंगे। इन नियमों के आधार पर ही नए गठन होंगे। इसके लिए हरियाणा सरकार वित्तायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाएगी। यह जानकारी प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कोसली से विधायक लक्ष्मण यादव के सवाल के जवाब में दिया।
यादव ने अपने हलके के गांव डहीना का उपमंडल बनाने की मांग रखी थी। इसी प्रकार, विधायक रैली चौधरी ने नारायणगढ़ और विनोद भ्याणा ने हांसी को विधायक बनाने की मांग रखी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि फिलहाल तीन मंत्रियों की एक कमेटी बनाई गई है जो कि नई उप तहसील, तहसील, उपमंडल आदि के गठन और गांव को शामिल करने के लिए निर्णय लेती है। यह कमेटी अपना निर्णय उपायुक्त की सिफारिश पर आगे की कार्रवाई करती है। सरकार के पास वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ही फिलहाल जनसंख्या का आंकड़ा है।
उन्होंने बताया कि अब राज्य सरकार के पास पीपीपी का विश्वसनीय डाटा बन रहा है। उसी के आधार पर उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी अपना अगला निर्णय लेकर मंत्रियों की कमेटी को रिपोर्ट भेजेगी। यह कमेटी जनसंख्या, गांव आदि के आधार पर अपनी रिपोर्ट बनाकर पेश करेगी। तत्पश्चात ही नई उप तहसील, तहसील, उपमंडल और जिला के गठन की कार्रवाई की जाएगी।