जिला परिषद चुनाव: रोहतक में राहुल दादू का नामांकन रद्द, पूर्व वित्त मंत्री की कोठी जलाने के केस का दिया हवाला
राहुल दादू ने बताया कि नियमों के तहत नामांकन दाखिल किया था। एक-एक केस का ब्योरा दिया गया। जाट आरक्षण आंदोलन में और भी लोगों पर केस दर्ज हैं लेकिन वे चुनाव लड़ रहे हैं। अधिकारी सुबह से शाम तक उसको चक्कर कटवाते रहे। आखिर में नामांकन रद्द कर दिया।
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जाट आरक्षण आंदोलन में चेहरा रहे राहुल दादू का सीबीआई की कोर्ट में चल रहे पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के केस का हवाला देकर नामांकन रद्द कर दिया गया है। राहुल दादू का आरोप है कि सरकार के दबाव में उनका नामांकन रद्द किया गया है। कबूलपुर निवासी राहुल दादू के वकील एडवोकेट अशोक कादयान ने बताया कि राहुल ने जिला परिषद के वार्ड नंबर 10 से नामांकन दाखिल किया था।
राज्य चुनाव आयोग की हिदायतों के तहत राहुल ने सभी दर्ज आठ केस का ब्योरा नामांकन पत्र में दिया था। राहुल इसमें से चार केस में बरी हो चुका है। इसमें चार केस जाट आरक्षण आंदोलन से जुड़े हैं, जिसमें से दो केस सीबीआई की कोर्ट में चलरहे हैं। इसमें एक केस कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने का भी है। इस केस में आरोप भी तय हो चुके हैं।
नामांकन की जांच के दौरान चुनाव अधिकारियों ने बताया कि केस में आईपीसी की धारा 395 भी लगी है। इसमें अगर आरोपी को दोषी
करार दिया जाता है तो उसे 10 साल से ज्यादा या उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। वकील ने कहा है कि उक्त धारा में यह प्रावधान नहीं है कि अदालत को 10 साल से ज्यादा या उम्रकैद की ही सजा देनी होगी। जज 10 साल से कम की सजा भी सुना सकता है। ऐसे में नामांकन रद्द नहीं किया जाना चाहिए था।
नियमों के तहत किया था नामांकन
राहुल दादू ने बताया कि नियमों के तहत नामांकन दाखिल किया था। एक-एक केस का ब्योरा दिया गया। जाट आरक्षण आंदोलन में और भी लोगों पर केस दर्ज हैं लेकिन वे चुनाव लड़ रहे हैं। अधिकारी सुबह से शाम तक उसको चक्कर कटवाते रहे। आखिर में नामांकन रद्द कर दिया।
अब छोटा भाई लड़ेगा चुनाव
राहुल दादू ने बताया कि उसके भाई जयदेव ने कवरिंग प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। अब वे उनकी जगह चुनाव लड़ेंगे।
कानून है कि किसी के खिलाफ अगर एफआईआर दर्ज है और चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। उक्त धाराओं में अगर 10 साल से अधिक की सजा का प्रावधान है तो पंचायती राज एक्ट के तहत चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है। - यशपाल, उपायुक्त एवं जिला चुनाव अधिकारी।