फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   No Property and Income Tax on Gurudwara Income

HSGPC: प्रापर्टी टैक्स से मुक्त होगी गुरुद्वारों की संपत्ति

Sat, 05 Jul 2014 10:59 AM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 05 Jul 2014 10:59 AM IST
विज्ञापन
No Property and Income Tax on Gurudwara Income

हरियाणा की अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए तैयार किए जा रहे विधेयक में प्रावधान किया जा रहा है कि सभी ऐतिहासिक, अधिसूचित या स्थानीय गुरुद्वारों की आय इन्कम टैक्स और प्रापर्टी टैक्स से मुक्त रहेगी और अन्य स्थानीय करों, सेस से गुरुद्वारा फंड मुक्त रहेगा।

विज्ञापन


प्रस्तावित विधेयक के चैप्टर सात में इसका प्रावधान करते हुए एचएसजीपीसी एक्ट के तहत बनाए जाने वाले नियमों और गुरुद्वारों की संपत्ति, पुराने विवाद और अन्य बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट की गई है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा एक्ट को दूसरे कानूनों से ऊपर रखा गया है।
विज्ञापन

हरियाणा सीमा में लागू हो जाएंगे एक्ट के कानून

No Property and Income Tax on Gurudwara Income

मसौदे में लिखा है,जिस दिन से कमेटी गठित हो जाएगी, उसी दिन से सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 के प्रावधान या अन्य किसी कानून या उनके तहत बने नियम लागू होने बंद हो जाएंगे और हरियाणा सिख गुरुद्वारा एक्ट के कानून हरियाणा सीमा में लागू हो जाएंगे।

इस स्थानीय और विशेष एक्ट होगा जिसके कारण सभी कानूनों पर ज्यादा प्र्रभाव रखेगा। पुरानी नियुक्तियां और उनके नियम तब तक प्रभावी रहेंगे जब तक उन्हें बदल या संशोधित नहीं कर दिया जाता।

पंजाब सिख गुरुद्वारा बोर्ड से संबंधित हरियाणा सीमा में सब गुरुद्वारों की चल और अचल संपत्ति हरियाणा का एक्ट बनने के तुरंत बाद हरियाणा की कमेटी या बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में हो जाएगी।

किराये समेत सारी धन रशि या पैसा कमेटी के अधिकार क्षेत्र में आ जाएगा। पुराने सब विवाद हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी लड़ेगी। हरियाणा रेंट (कंट्रोल एंड एविक्शन) एक्ट, 1973 कमेटी या बोर्ड के अधिकार वाले गुरुद्वारों की अचल संपत्ति पर लागू नहीं होगा।

कमेटी के सदस्य पब्लिक सर्वेंट होंगे

No Property and Income Tax on Gurudwara Income

प्रस्तावित मसौदे में प्रावधान किया गया है कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, कार्यकारी बोर्ड या किसी अन्य सब कमेटी का सदस्य और कमेटी का कर्मचारी पब्लिक सर्वेंट की श्रेणी में माना जाएगा। इन सदस्यों के खिलाफ आधिकारिक रूप से किए किसी भी फैसले के कारण किसी भी प्रकार का मुकदमा नहीं चलाया जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed