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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को राखी बांधने के मामले में खुफिया एजेंसी भी फेल, भनक तक नहीं लगी
Wed, 21 Aug 2019 11:57 AM IST
खुशबू गोयल
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 21 Aug 2019 11:57 AM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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किसान की बेटी बताकर कैप्टन अमरिंदर सिंह को अधिकारी द्वारा अपनी बेटी से राखी बंधवाने के मामले की खुफिया एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी। अमर उजाला द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद मामले की पूरी छानबीन खुफिया एजेंसियों ने शुरू कर दी है और एक प्राइमरी रिपोर्ट बनाकर सीएम हाउस भेज दी गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
वहीं कोमलप्रीत जिसे किसान की बेटी बताकर सीएम को राखी बंधवाई गई थी और जिसका पता गांव स्लेमपुर बताया गया था। जबकि हकीकत यह है कि कोमलप्रीत के पिता जिला साइंस सुपरवाइजर बलजिंदर सिंह मिल्क प्लांट के निकट बैंक एन्क्लेव में रहते हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह को राखी बांधने के लिए जिन पांच लड़कियों को बुलाया गया था, वह अलग अलग वर्ग से थी।
इन पांचों लड़कियों को स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से बुलाया गया था। इसकी पूरी जानकारी सीएम सिक्योरिटी से लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी दी गयी थी। वहीं कोमलप्रीत एक किसान नहीं अधिकारी की बेटी है, इसके बारे में स्थानीय पुलिस व खुफिया विभाग को पता ही नहीं चला।
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मंगलवार को खबर छपने के बाद खुफिया एजेंसियों के आला अधिकारी हरकत में आए और इस पर पूरा होमवर्क शुरू किया गया। इसमें प्राथमिक स्तर पर ही पाया गया कि सीएम को राखी बांधने के लिए पांच लड़कियां ही आई थी, जिसमें एक किसान की बेटी कोमलप्रीत दरअसल एक अधिकारी की बेटी थी। एजेंसियों के आला सूत्रोें के मुताबिक सारे इनपुट और रिपोर्ट बनाकर चंडीगढ़ भेजी गई है।
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वहीं कोमलप्रीत जिसे किसान की बेटी बताकर सीएम को राखी बंधवाई गई थी और जिसका पता गांव स्लेमपुर बताया गया था। जबकि हकीकत यह है कि कोमलप्रीत के पिता जिला साइंस सुपरवाइजर बलजिंदर सिंह मिल्क प्लांट के निकट बैंक एन्क्लेव में रहते हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह को राखी बांधने के लिए जिन पांच लड़कियों को बुलाया गया था, वह अलग अलग वर्ग से थी।
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इन पांचों लड़कियों को स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से बुलाया गया था। इसकी पूरी जानकारी सीएम सिक्योरिटी से लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी दी गयी थी। वहीं कोमलप्रीत एक किसान नहीं अधिकारी की बेटी है, इसके बारे में स्थानीय पुलिस व खुफिया विभाग को पता ही नहीं चला।
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मंगलवार को खबर छपने के बाद खुफिया एजेंसियों के आला अधिकारी हरकत में आए और इस पर पूरा होमवर्क शुरू किया गया। इसमें प्राथमिक स्तर पर ही पाया गया कि सीएम को राखी बांधने के लिए पांच लड़कियां ही आई थी, जिसमें एक किसान की बेटी कोमलप्रीत दरअसल एक अधिकारी की बेटी थी। एजेंसियों के आला सूत्रोें के मुताबिक सारे इनपुट और रिपोर्ट बनाकर चंडीगढ़ भेजी गई है।