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विस में हंगामे के बीच गिरा अविश्वास प्रस्ताव, स्पीकर पर फेंके कागज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 12 Sep 2016 09:52 PM IST
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पंजाब विधानसभा सेशन
- फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा सेशन के दौरान विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जो गिर गया। उसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेसी काफी देर तक वेल में खड़े होकर नारेबाजी करते रहे। फिर उन्होंने कागज आदि स्पीकर की कुर्सी की तरफ फेंके।
सोमवार शाम 4.56 मिनट पर सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी अविश्वास प्रस्ताव लाए और बहस शुरू हुई। बहस के लिए दो घंटे रखे गए थे, लेकिन कांग्रेस ने ज्यादा समय की मांग की। स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने उस पर भी सहमति जता दी।
चन्नी ने बादल परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में जो परिवार राज कर रहा है, उसे लोगों ने चौकीदार बनाया था। पर वह परिवार कुछ और ही बन गया। चन्नी के एक आपत्तिजनक शब्द पर सत्ताधारियों ने विरोध किया।
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सोमवार शाम 4.56 मिनट पर सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी अविश्वास प्रस्ताव लाए और बहस शुरू हुई। बहस के लिए दो घंटे रखे गए थे, लेकिन कांग्रेस ने ज्यादा समय की मांग की। स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने उस पर भी सहमति जता दी।
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चन्नी ने बादल परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में जो परिवार राज कर रहा है, उसे लोगों ने चौकीदार बनाया था। पर वह परिवार कुछ और ही बन गया। चन्नी के एक आपत्तिजनक शब्द पर सत्ताधारियों ने विरोध किया।
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बादल परिवार ने पंजाब के सिस्टम को भ्रष्ट कर दिया
पंजाब विधानसभा सेशन
- फोटो : अमर उजाला
चन्नी आगे बोले कि सत्ताधारी परिवार ने सिस्टम को भ्रष्ट कर दिया है। राज कर रहे परिवार ने पंजाब के हितों को दरकिनार कर अपने हितों को आगे रखा है। महाभारत में भी यही हुआ था। आज भी मुख्यमंत्री के धृतराष्ट्र जैसे हालात हैं। इन्होंने आय केसभी जरिए अपने घर की तरफ मोड़ लिए। अमीर बनने की होड़ लगी है। आम लोगों का रहना दूभर हो गया है।
इस बीच चन्नी ने एक शब्द बोला। तभी अकालियों ने चन्नी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेसियों ने भी नारेबाजी से जवाब दिया। अकाली पहले से ही हंगामे का मन बना चुके थे। कुछ मिनट नारेबाजी के बाद कैबिनेट मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि चन्नी अपना शब्द वापस लें या माफी मांगे, वरना सेशन नहीं चलने दिया जाएगा।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी चलती रही। आखिर शाम 5.48 बजे स्पीकर ने कहा कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार किया और बहस की अनुमति भी दी, लेकिन हंगामे के चलते अब वोटिंग कराई जाएगी, जिसमें अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।
इस बीच चन्नी ने एक शब्द बोला। तभी अकालियों ने चन्नी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेसियों ने भी नारेबाजी से जवाब दिया। अकाली पहले से ही हंगामे का मन बना चुके थे। कुछ मिनट नारेबाजी के बाद कैबिनेट मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि चन्नी अपना शब्द वापस लें या माफी मांगे, वरना सेशन नहीं चलने दिया जाएगा।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी चलती रही। आखिर शाम 5.48 बजे स्पीकर ने कहा कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार किया और बहस की अनुमति भी दी, लेकिन हंगामे के चलते अब वोटिंग कराई जाएगी, जिसमें अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।
अकाली दल के बिल्ले पर हुआ हंगामा
पंजाब विधानसभा सेशन
- फोटो : अमर उजाला
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान दो बार अकाली दल के बिल्ले को लेकर हंगामा हुआ। दरअसल डिप्टी सीएम सुखबीर बादल समेत सभी अकाली विधायक एक बिल्ला लगाकर आते हैं, जिस पर लिखा है कि मुझे अकाली होने पर मान है।
कार्यवाही के दौरान स्पीकर अटवाल बाहर गए, उनकी जगह इकबाल सिंह झूंदा ने ले ली। कांग्रेस ने कहा कि वह अकाली दल का बिल्ला उतारें, क्योंकि स्पीकर की कुर्सी निष्पक्ष होती है। हंगामा करते हुए विपक्षी वेल में आ गए।
तरलोचन सिंह और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मार्शल से धक्का मुक्की करते हुए स्पीकर तक जाने की कोशिश की। दूसरी बार गुरप्रताप सिंह वडाला स्पीकर की कुर्सी पर बैठे थे, तब भी कांग्रेस ने जबरदस्त विरोध जताया। वडाला ने कहा कि कल को आप नीली पगड़ी पर भी एतराज करोगे, ऐसा संभव नहीं है।
कार्यवाही के दौरान स्पीकर अटवाल बाहर गए, उनकी जगह इकबाल सिंह झूंदा ने ले ली। कांग्रेस ने कहा कि वह अकाली दल का बिल्ला उतारें, क्योंकि स्पीकर की कुर्सी निष्पक्ष होती है। हंगामा करते हुए विपक्षी वेल में आ गए।
तरलोचन सिंह और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मार्शल से धक्का मुक्की करते हुए स्पीकर तक जाने की कोशिश की। दूसरी बार गुरप्रताप सिंह वडाला स्पीकर की कुर्सी पर बैठे थे, तब भी कांग्रेस ने जबरदस्त विरोध जताया। वडाला ने कहा कि कल को आप नीली पगड़ी पर भी एतराज करोगे, ऐसा संभव नहीं है।