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अशोक खेमका के खिलाफ नहीं होगी सीबीआई जांच
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 04 Feb 2014 09:04 AM IST
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हरियाणा के सीनियर आईएएस अशोक खेमका के खिलाफ सीबीआई जांच नहीं होगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गत 17 जनवरी को सीबीआई जांच कराने के अपने फैसले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
खेमका के खिलाफ गोदामों की छत गैलवैल्यूम शीट से बदलने को दिए टेंडर में गड़बड़ी की आशंका पर सीबीआई जांच का फैसला लिया गया है।
लेकिन इस फैसलों को राज्य सरकार ने केंद्र के समक्ष सिफारिश भेजने से पहले ही स्थगित कर दिया है। लोकसभा चुनाव में यह मामला कोई मुद्दा न बन जाए इसलिए सरकार बैकफुट पर आई है।
मुख्य सचिव ने 17 जून को गृह सचिव को फाइल भेजकर कहा था कि सरकार ने आरटीआई कार्यकर्ता रव्रिंद्र कुमार की शिकायत पर खेमका के खिलाफ गैलवैल्यूम शीट टेंडर की जांच सीबीआई से करवाने का फैसला किया है, इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को आग्रह पत्र भेजा जाए।
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मुख्य सचिव ने यह भी लिखा था कि मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की मंजूरी दी है। तब गृह विभाग ने यह फाइल मंजूरी के लिए गृहमंत्री के नाते मुख्यमंत्री के पास 21 जनवरी को भेजी थी।
अब तीन फरवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय से यह फाइल गृह विभाग को यह लिखकर भेज दी गई है कि इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कैग की रिपोर्ट मिलने के बाद की जाएगी।
कैग ने जांच शुरू ही नहीं की
मामले में अशोक खेमका का नाम शामिल होने के कारण प्रधान महालेखाकार ओंकार नाथ ने विशेष ऑडिट शुरू नहीं करते हुए मंजूरी के लिए कैग को मसौदा भेज दिया।
प्रधान महालेखाकार ने बताया कि कैग से अब तक विशेष ऑडिट कराने की मंजूरी नहीं मिली, इसलिए विशेष ऑडिट शुरू नहीं किया।
हां, सरकार ने फैसला किया है कि कैग रिपोर्ट आने के बाद ही सीबीआई जांच पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- पीके गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग, हरियाणा
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खेमका के खिलाफ गोदामों की छत गैलवैल्यूम शीट से बदलने को दिए टेंडर में गड़बड़ी की आशंका पर सीबीआई जांच का फैसला लिया गया है।
लेकिन इस फैसलों को राज्य सरकार ने केंद्र के समक्ष सिफारिश भेजने से पहले ही स्थगित कर दिया है। लोकसभा चुनाव में यह मामला कोई मुद्दा न बन जाए इसलिए सरकार बैकफुट पर आई है।
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मुख्य सचिव ने 17 जून को गृह सचिव को फाइल भेजकर कहा था कि सरकार ने आरटीआई कार्यकर्ता रव्रिंद्र कुमार की शिकायत पर खेमका के खिलाफ गैलवैल्यूम शीट टेंडर की जांच सीबीआई से करवाने का फैसला किया है, इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को आग्रह पत्र भेजा जाए।
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मुख्य सचिव ने यह भी लिखा था कि मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की मंजूरी दी है। तब गृह विभाग ने यह फाइल मंजूरी के लिए गृहमंत्री के नाते मुख्यमंत्री के पास 21 जनवरी को भेजी थी।
अब तीन फरवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय से यह फाइल गृह विभाग को यह लिखकर भेज दी गई है कि इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कैग की रिपोर्ट मिलने के बाद की जाएगी।
कैग ने जांच शुरू ही नहीं की
मामले में अशोक खेमका का नाम शामिल होने के कारण प्रधान महालेखाकार ओंकार नाथ ने विशेष ऑडिट शुरू नहीं करते हुए मंजूरी के लिए कैग को मसौदा भेज दिया।
प्रधान महालेखाकार ने बताया कि कैग से अब तक विशेष ऑडिट कराने की मंजूरी नहीं मिली, इसलिए विशेष ऑडिट शुरू नहीं किया।
हां, सरकार ने फैसला किया है कि कैग रिपोर्ट आने के बाद ही सीबीआई जांच पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- पीके गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग, हरियाणा