सुखना पर बोटिंग के शौकीनों के लिए बुरी खबर
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भले ही सुखना 18 जनवरी को खोल दी जाएगी, लेकिन पर्यटक लेक में अगले दो माह तक बोटिंग का लुत्फ नहीं उठा पाएंगे। बोटिंग बंद करने का फैसला प्रशासन ने पोस्ट ऑपरेटिव सर्विलांस प्रोग्राम के तहत लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि जिस जगह पर बतखों को दफनाया गया है, गाइडलाइंस के मुताबिक कम से कम तीन महीने तक उस जगह पर लोगों की आवाजाही पर रोक रहती है। बता दें कि लेक के आइलैंड पर बतखों को दफनाया गया है।
यदि बोटिंग चालू होती है तो लोगों का आना-जाना वहां भी होगा। इसलिए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। जबकि, लेक के रेस्टोरेंट और दुकानें खुल जाएंगी। बर्ड फ्लू कंफर्म होने के बाद प्रशासन ने 18 दिसंबर को धारा 144 लगाकर सुखना लेक पर पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी थी। यह रोक एक महीने तक थी।
18 जनवरी को लेक से हटेगी धारा 144
सुखना लेक पर हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से क्लीयरेंस मिलने के बाद 18 जनवरी को सुखना से धारा 144 हटा दी जाएगी। भोपाल लैब की टीम की ओर से लिए गए सभी सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
लैब के अधिकारियों ने पानी, पोल्ट्री फार्म और माइग्रेंट बर्ड्स के सैंपल लिए थे। हालांकि, अभी एनिमल हसबेंडरी डिपार्टमेंट की ओर से फाइनल रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। सोमवार को डिपार्टमेंट के अधिकारी भी अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप देंगे।
सोमवार से स्कूल खोलने के आदेश
बर्ड फ्लू कंफर्म होने के बाद जिला प्रशासन ने सुखना को केंद्र बिंदु मानकर तीन किलोमीटर एरिया में पड़ने वाले सभी स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए थे। भोपाल लैब की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उपायुक्त मोहम्मद शाइन ने स्कूलों को सोमवार से खोलने के आदेश दिए है। सोमवार से बर्ड फ्लू प्रभावित एरिया के कई स्कूल खोल दिए जाएंगे।
चंडीगढ़ के पर्यटन को भी नुकसान
बर्ड फ्लू से चंडीगढ़ के पर्यटन को भी काफी नुकसान पहुंचा है। विदेशी व डोमेस्टिक पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आई है। दिसंबर ही सीजन का समय होता है। शिमला जाने वाले अधिकतर लोग चंडीगढ़ होकर ही जाते हैं। इसके अलावा दुकानों में भी लाखों रुपये का घाटा सहना पड़ा है।