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खुलासाः निजी बैंक खोलने की तैयारी कर रहे थे फादर एंथनी, शहरों-स्कूलों में खोलनी थीं शाखाएं
Thu, 04 Apr 2019 11:44 AM IST
खुशबू गोयल
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 04 Apr 2019 11:44 AM IST
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फादर एंथनी
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पादरी समेत छह लोगों से करोड़ों की हवाला राशि बरामद होने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, फादर एंथनी एक निजी बैंक खोलने की तैयारियां कर रहे थे। कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं और यह प्रोजेक्ट अंतिम चरण में था। पता चला है कि फादर एंथनी और उनके सहयोगियों द्वारा संचालित कंपनियों का टर्न ओवर करोड़ों में था।
फादर एंथनी की ओर से 50 लाख रुपये हाल ही में आयकर विभाग को एडवांस टैक्स के रूप में अदा किए गए थे। फादर एंथनी ने नवजीवन कंपनी का कार्यालय करोल बाग में तैयार कर रखा है। वहां प्रिंटिंग होती है। यहां स्कूलों की कॉपियों के अलावा आईकार्ड से लेकर किताबों की प्रिंटिंग का लेखाजोखा होता है। यहीं से सारा सामान पंजाब व हिमाचल के स्कूलों में सप्लाई किया जाता है।
वहीं करोल बाग से कुछ दूरी पर स्थित सहोदय का कार्यालय चुग्गटी में तैयार किया हुआ है। यहां से स्कूलों के ट्रांसपोर्ट के अलावा वर्दी, सेनेटरी से लेकर तमाम सामान की खरीदो फरोख्त करके आगे स्कूलों को सप्लाई किया जाता है। स्कूलों की फीसों के अलावा कैश का आदान-प्रदान और फैकल्टी की पगार के कारण पैसों का फ्लो काफी अधिक होता है।
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फादर एंथनी की ओर से 50 लाख रुपये हाल ही में आयकर विभाग को एडवांस टैक्स के रूप में अदा किए गए थे। फादर एंथनी ने नवजीवन कंपनी का कार्यालय करोल बाग में तैयार कर रखा है। वहां प्रिंटिंग होती है। यहां स्कूलों की कॉपियों के अलावा आईकार्ड से लेकर किताबों की प्रिंटिंग का लेखाजोखा होता है। यहीं से सारा सामान पंजाब व हिमाचल के स्कूलों में सप्लाई किया जाता है।
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वहीं करोल बाग से कुछ दूरी पर स्थित सहोदय का कार्यालय चुग्गटी में तैयार किया हुआ है। यहां से स्कूलों के ट्रांसपोर्ट के अलावा वर्दी, सेनेटरी से लेकर तमाम सामान की खरीदो फरोख्त करके आगे स्कूलों को सप्लाई किया जाता है। स्कूलों की फीसों के अलावा कैश का आदान-प्रदान और फैकल्टी की पगार के कारण पैसों का फ्लो काफी अधिक होता है।
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फादर एंथनी ने अपने बयान में ये कहानी बताई
इसलिए फादर एंथनी व उनके सहयोगियों की ओर से प्लान तैयार किया जा रहा था कि स्कूलों में बैंक की ब्रांच खोली जाए और वहीं से पैसों की ट्रांजेक्शन की जाए। इसके लिए बाकायदा लाइसेंस लेने की प्रकिया चल रही थी। इसके बाद इस बैंक की शाखाएं हिमाचल में खोलने का खाका तैयार किया जा रहा था। आईजी क्राइम प्रवीण कुमार सिन्हा ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं फादर एंथनी का कहना है कि खन्ना पुलिस ने उनको प्रतापपुरा से उठाकर अनाथालय से ही पैसों की बरामदी की थी, लेकिन उनकी रिकवरी नाके पर दिखा दी थी। एंथनी के मुताबिक, उस वक्त बैंक के मुलाजिम प्रतापपुरा में ही थे और नोटों की गिनती चल रही थी। बैंक के मुलाजिम 6.5 करोड़ रुपये गिन चुके थे, जबकि 9.66 करोड़ रुपये की राशि को खन्ना पुलिस ने रिकवर कर लिया।
बैंक मुलाजिमों से 6.5 करोड़ की राशि लेकर पुलिस मुलाजिम अन्य गाड़ी में खन्ना के लिए निकले थे, लेकिन वह पैसा कहां गया कुछ पता ही नहीं चला। बैंक मुलाजिम इस बात के गवाह हैं कि 6.5 करोड़ की राशि भी खन्ना पुलिस लेकर गई थी।
वहीं फादर एंथनी का कहना है कि खन्ना पुलिस ने उनको प्रतापपुरा से उठाकर अनाथालय से ही पैसों की बरामदी की थी, लेकिन उनकी रिकवरी नाके पर दिखा दी थी। एंथनी के मुताबिक, उस वक्त बैंक के मुलाजिम प्रतापपुरा में ही थे और नोटों की गिनती चल रही थी। बैंक के मुलाजिम 6.5 करोड़ रुपये गिन चुके थे, जबकि 9.66 करोड़ रुपये की राशि को खन्ना पुलिस ने रिकवर कर लिया।
बैंक मुलाजिमों से 6.5 करोड़ की राशि लेकर पुलिस मुलाजिम अन्य गाड़ी में खन्ना के लिए निकले थे, लेकिन वह पैसा कहां गया कुछ पता ही नहीं चला। बैंक मुलाजिम इस बात के गवाह हैं कि 6.5 करोड़ की राशि भी खन्ना पुलिस लेकर गई थी।