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नाभा जेल में एक बार फिर बजी शहनाई, लाल जोड़े में पहुंची दुल्हन, कैदी वसीम से हुआ निकाह

Fri, 15 Nov 2019 06:35 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 15 Nov 2019 06:35 PM IST
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Nikah at Punjab's Maximum Security Nabha Jail
नाभा जेल ( इनसेट में कैदी मोहम्मद वसीम) - फोटो : अमर उजाला

नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल में शुक्रवार को एक बार फिर से शहनाइयां गूंज उठीं। चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हाईकोर्ट के आदेश पर जेल प्रशासन की ओर से जेल में कत्ल के केस में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी मोहम्मद वसीम (32) उर्फ झला निवासी सैदावाला मालेरकोटला का निकाह धूमधाम से मालेरकोटला की ही रहने वाली हुमा से कराया गया।

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इस निकाह के लिए दोनों तरफ से पारिवार के सदस्य जेल पहुंचे। गौरतलब है कि इससे पहले पिछले महीने 30 अक्तूबर को भी गैंगस्टर मनदीप सिंह की शादी जेल के अंदर बने गुरुद्वारा साहिब में हुई थी।
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निकाह को पैरोल मांगी थी, कोर्ट ने जेल में ही करा दिया 
जेल सुपरिंटेंडेंट रमनदीप भंगू ने बताया कि कैदी मोहम्मद वसीम ने हाईकोर्ट में याचिका डालकर पैरोल पर जाने देने की अपील की थी। लेकिन जेल प्रशासन द्वारा एतराज जताने के बाद हाईकोर्ट ने कत्ल केस में उम्रकैद की सजा काट रहे इस कैदी का निकाह जेल परिसर में ही कराने के आदेश दे दिए। साथ ही जेल प्रशासन को इसके लिए सभी जरूरी प्रबंध करने को कहा।

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लाल जोड़े में सजी दुल्हन हुमा अपने पिता मोहम्मद इरशाद, चाचा, बहन के साथ सुबह करीब 10 बजे जेल में दाखिल हुई। दोपहर करीब एक बजे निकाह की रस्म पूरी हो जाने के बाद मीडिया से बचती हुई गाड़ी में सवार होकर वापस चली गई।

वहीं दूसरी तरफ से निकाह में कैदी वसीम के पिता, भाई, बहन व जीजा सहित अन्य लोग शामिल हुए। दोनों तरफ से कुल आठ लोगों को जेल के अंदर जाने की अनुमति थी। मालेरकोटला से ही निकाह के लिए फकीर मोहम्मद काजी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पहली बार जेल में किसी जोड़े का निकाह कराया है। 

कत्ल और आर्म्स एक्ट में काट रहा उम्रकैद 
निकाह करने वाले कैदी मोहम्मद वसीम थाना सदर अहमदगढ़ में 2010 में दर्ज किए गए कत्ल, आर्म्स एक्ट के केस में उम्रकैद की सजा काट रहा है। इसके अलावा भी उसके खिलाफ मालेरकोटला, धुरी व संगरूर में पर्चे दर्ज हैं। जिससे साफ है कि वसीम ने संगरूर इलाके के बाहर किसी वारदात को अंजाम नहीं दिया।

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