पंजाब में नहीं लागू हुए नए ट्रैफिक नियम, जानें वजह और क्या विचार कर रही सरकार
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देशभर में एक सितंबर से लागू हुए नए ट्रैफिक नियमों को पंजाब सरकार ने राज्य में लागू करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। राज्य का ट्रांसपोर्ट विभाग जल्द ही सभी पक्षों को लेकर इस संबंध में बैठक करेगा, जिसमें नए ट्रैफिक नियमों के क्रियान्वयन पक्ष और पेनाल्टी पक्ष पर विचार करने के बाद यह तय किया जाएगा कि केंद्र सरकार के इस एक्ट को हूबहू लागू किया जाए या इसमें कुछ फेरबदल किया जाए। हालांकि राज्य के एडीजीपी ट्रैफिक डॉ. शरद चौहान का मानना है कि किसी भी नियम को तभी सफलता से लागू किया जा सकता है, जब उसके बारे में लोगों को शिक्षित करने के साथ-साथ संबंधित नियम के बारे में लोगों में भय भी हो।
नए एक्ट के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर लागू जुर्माना और सजाओं में जबरदस्त इजाफा किया गया है। लेकिन पंजाब सहित कई राज्यों ने इसे अपने क्षेत्रों में लागू नहीं किया है, जिसके चलते राज्य में अभी पुराने नोटिफिकेशन के तहत ही ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के चालान काटे जा रहे हैं।
एडीजीपी (ट्रैफिक) डॉ. चौहान ने बताया कि जब तक पंजाब सरकार द्वारा नए एक्ट को लागू किए जाने संबंधी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जाता, तब तक नए एक्ट की धाराएं पंजाब में लागू नहीं होंगी। पहले नए एक्ट पर विस्तार से विचार विमर्श होगा। जल्द ही ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें यह तय होगा कि राज्य में नया एक्ट किस रूप में लागू हो और राज्य सरकार के अधीन नए नियम के अनुसार जुर्माना और सजाएं कैसी हों?
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ऐसा करना राज्य के हित में होगा और विचार-विमर्श के बाद नोटिफिकेशन लागू किया जाना सही है। डॉ. चौहान ने एक सर्कुलर जारी कर प्रदेश के ट्रैफिक विभाग को यह साफ हिदायत दी है कि वे पंजाब में नया नोटिफिकेशन जारी होने तक, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों का पुराने नियम के अनुसार ही चालान काटें और जुर्माना राशि वसूलें।
मोहाली में काटे जा रहे 70 फीसदी चालान
राज्य में बढ़ते सड़क हादसों और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों पर उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा रोड सेफ्टी प्लान भी तैयार किया जा रहा है। लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में शिक्षित करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। मोहाली में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरती जा रही है और हर महीने राज्य भर के मुकाबले औसतन 70 फीसदी चालान मोहाली में काटे जा रहे हैं।