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ट्रांसफर पॉलिसी में संशोंधनों को मंजूरी, तबादले को तैयार रहें टीचर्स

Wed, 29 Jun 2016 06:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 29 Jun 2016 06:01 PM IST
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new teachers transfer policy approved in haryana cabinet meeting
रामबिलास शर्मा - फोटो : file photo

हरियाणा सरकार ने टीचर ट्रांसफर पालिसी में भी कई अहम बदलाव किए हैं, जिन्हें कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गई है। सरकार का दावा है कि इन बदलाव के बाद 20 जुलाई तक संशोधित टीचर ट्रांसफर पालिसी के जरिए अध्यापकों के स्थानांतरण हो जाएंगे। शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने बताया कि कुछ संशोधनों के बाद कपल केस के लिए जोन निर्धारित कर दिया है। कपल केस एक ही जोन में कंसीडर किए जाएंगे।\

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ट्रांसफर पालिसी में ‘गंभीर रोगों’ (सीरियस एलमेंट डिजीज) को ‘दुर्बल विकार के रोग’ (डिजीज ऑफ डिबिलिटेटिंग डिस्ऑर्डर) का नाम दिया गया है। हरियाणा सरकार के कर्मचारी की पत्नी’ श्रेणी को ‘विशेष श्रेणी महिला अध्यापक’ की सूची से बाहर रखा गया है। ‘विशेष रूप से सक्षम या मंदबुद्धि बच्चे’ श्रेणी में ‘पुरूष’ शब्द को जोड़ा गया है। अवकाश से लौटने वाले अध्यापकों को समायोजित करने के संबंध में बनाए गए प्रावधान को वापस ले लिया गया है। एसोसिएट एनसीसी अधिकारियों से संबंधित अनुच्छेद में संशोधन करके प्रावधान किया गया है कि एसोसिएट एनसीसी अधिकारियों को, एसोसिएट एनसीसी अधिकारियों के रूप में कार्यरत अध्यापकों द्वारा ही बदला जाएगा। स्थानांतरण के क्रियान्वयन की अवधि सात दिन से बढ़ाकर 15 दिन की गई है।
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सामान्य स्थानांतरण पहले से वर्णित समय सारणी या दिए गए वर्ष के लिए सरकार द्वारा अधिसूचित समय सारणी के अनुसार वर्ष में केवल एक बार किए जाएंगे। विशेष श्रेणी में रिक्ति के विरूद्ध दावे पर निर्णय के लिए मानदंड के मामले में 40 वर्ष से अधिक आयु की विधवा या तलाकशुदा या अलग रह रही अवविवाहित महिला अध्यापक या प्रदेश से बाहर कार्यरत सैन्य कार्मिक या अर्धसैनिक बलों के कार्मिक की पत्नी संबंधी उपकारक जोड़ा जाएगा। ‘दुर्बल विकार के रोग’ (डिजीज ऑफ डिबिलिटेटिंग डिस्ऑर्डर)के मामले में, दंपत्ति या अवविवाहित बच्चे संबंधी उपकारक भी जोड़ा जाएगा।
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ऐसे मामले में, एम्स (हरियाणा में इसकी शाखाओं समेत), पीजीआई रोहतक, पीजीआई खानपुर कलां, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, पीजीआई चंडीगढ़ या विधिवत गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण-पत्र को भी शामिल किया जाएगा। इसी प्रकार, विशेष रूप से सक्षम या मंदबुद्धि बच्चोें के मामले में, मंदबुद्धि या शत- प्रतिशत विशेष रूप से सक्षम बच्चे वाले पुरूष या महिला उपकारक होंगे। मंदबुद्धि या शत-प्रतिशत विशेष रूप से सक्षम बच्चोें वाले पुरूष या महिला अध्यापकों को अधिकतम 10 अंक दिए जाएंगे।

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