हर व्यक्ति को रोजगार भाजपा का नया संकल्प, एचटेट की तर्ज पर होगी पात्रता परीक्षा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में भाजपा का सबसे बड़ा चुनावी संकल्प हर व्यक्ति को रोजगार होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भविष्य में सरकारी नौकरियां प्रदान करने को लेकर भी फुलप्रूफ प्लान तैयार किया है, जिसका प्रारूप भाजपा के विधानसभा चुनाव के लिए पेश किए जाने वाले संकल्प पत्र में दिखेगा। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में यह बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि अब सरकारी भर्तियों में हरियाणा मूल के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। नौकरी के लिए एचटेट की तर्ज पर पात्रता परीक्षा लेने का प्रावधान दोबारा सत्ता में आने पर करेंगे। पात्रता परीक्षा पास करने वाले युवा ही नौकरियों के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। क्लर्क भर्ती परीक्षा में सामने आई अव्यवस्थाओं को देखते हुए यह प्रावधान करने का निर्णय लिया गया है।
सीएम ने कहा कि क्लर्क के 4847 पदों के लिए 15 लाख युवाओं ने आवेदन किया था, तीन दिन चली परीक्षा में अनेक खामियां सरकार को देखने को मिली। इनका समाधान भाजपा अपने चुनावी संकल्प पत्र में भविष्य के लिए ला रही है। किसी भी नौकरी की लिखित परीक्षा से पहले पात्रता परीक्षा लेने का प्रावधान किया जाएगा, उसमें पास युवा ही भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे अव्यवस्था नहीं होगी।
पात्रता परीक्षा के लिए सरकारी नौकरियों की श्रेणियां बनाई जाएंगी। किन-किन श्रेणियों के लिए पात्रता परीक्षा होगी, इसका कानूनी तौर पर अध्ययन कराएंगे। आगामी किसी भी भर्ती परीक्षा के लिए दूर-दराज परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। आसपास के जिलों में ही अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए भेजा जाएगा।
संकल्प-पत्र में नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने का प्रारूप होगा। ऑनलाइन परीक्षा लेने पर भी विचार किया जा रहा है, इससे नकल रुकेगी। ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन आईटीआई, बहुतकनीकी कॉलेजों में करा सकते हैं। जिससे दूरदराज नहीं जाना पड़ेगा। मानव संपदा मंत्रालय बनने पर युवाओं का उनकी योग्यता अनुसार सदुपयोग करेंगे।
एचसीएस बनाने वाली सीएम की जादूगरी बंद
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पहले कर्मचारियों से एचसीएस अधिकारी सीएम की जादूगरी से बनते थे। उन्होंने सत्ता में आने के बाद वह जादूगरी बंद कर दी है। अब परीक्षा से बन रहे हैं। हाल ही में 18 एचसीएस ग्रुप-सी कर्मचारियों से बने हैं। इनमें 16 शिक्षक शामिल हैं। उन्होंने एचसीएस टिक करने वाली कलम चलानी भी बंद की है। अब जो योग्य कर्मचारी होंगे, वे ही एचसीएस बनेंगे।
चुनावी मुद्दा नहीं एनआरसी
सीएम ने कहा है कि एनआरसी चुनावी मुद्दा नहीं है। पूरे देश में इसे लागू करने की बात चल रही है। इसलिए उन्होंने भी हरियाणा में एनआरसी लागू करने की घोषणा की है। प्रदेश में कितने विदेशी हैं, इसका कोई सटीक आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन रोजगार के नाम पर कुछ लोग बाहर से अवश्य आए होंगे। पहले उन्होंने कहीं और अपनी दुकान लगाई होगी और बाद में यहां आ गए होंगे। बेशक, वे आज कोई गड़बड़ी न कर रहे हों, लेकिन अगर भविष्य में की तो फिर सरकार पर सवाल उठेंगे कि इन पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। इसलिए एनआरसी जरूरी है।