राजनीतिक समर में नए चेहरों पर दांव, कर रहे विरोध का भी सामना
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मोगा विधानसभा सभा क्षेत्र से इस बार कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी तीनों ने नए चेहरों पर दांव लगाया है। तिकोने मुकाबले से गर्मा चुके चुनाव मैदान में तीनों उम्मीदवारों को अपनों और बाहरी लोगों के विरोध का सामना कर रहे हैं।
इस हलके में जीत हार का फैसला हमेशा शहरी वोटरों के हाथ रहा है। शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार 42 साल के बरजिंदर सिंह मक्खन बराड़ लॉ ग्रेजुएट हैं और चुनाव मैदान में पहली बार उतरे हैं।
हालांकि अपने पिता खेतीबाड़ी मंत्री जत्थेदार तोता सिंह के लिए चार बार चुनाव मुहिम कर चुके हैं। वह सत्ताधारी पार्टी के राज में स्थानीय नगर काउंसिल के प्रधान और पंजाब सेहत निगम के चेयरमैन रह चुके हैं।
आप और शिअद उम्मीदवार कर रहे विरोध का भी सामना
हालांकि उन्हें पार्टी की गुटबाजी का सामना करना पड़ रहा है। अन्य स्थानीय नेता उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के लिए चुनाव प्रचार करने जलालाबाद चले गए हैं। पूर्व डीजीपी पीएस गिल भी अकाली उम्मीदवार के साथ नहीं चल रहे।
‘आप’ के उम्मीदवार 40 वर्षीय रुमेश ग्रोवर पेशे से वकील हैं और चुनाव के लिए नए चेहरे हैं। वह चुनाव से कुछ माह पहले ही पार्टी में शामिल हुए और टिकट लेने में भी सफल हो गए।
उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि कांग्रेस की है, लेकिन उनकी टिकट का कोई विरोध नहीं हुआ। कुछ पुराने वालंटियर की चुनाव प्रचार से दूरी उनके खिलाफ अंदरूनी विरोध का संकेत है।
कांग्रेस उम्मीदवार 40 वर्षीय डॉ. हरजोत कमल मूल रूप में होशियारपुर के रहने वाले हैं। वह स्थानीय लाला लाजपत राय शिक्षा संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। कांग्रेस की तरफ से टिकट देरी के कारण दूसरे उम्मीदवारों से वह चुनाव प्रचार में पिछड़े हुए हैं। उनको भी बागी कांग्रेसी मनजीत सिंह मान के अलावा अन्य नेताओं के अंदरूनी विरोध से जूझना पड़ रहा है।