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नई एक्साइज पॉलिसी: शराब महंगी, बीयर सस्ती

Thu, 15 May 2014 06:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 15 May 2014 06:00 PM IST
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New Excise Policy in chandigarh: expensive wine, beer cheaper

अगले महीने से शहर के लोगों को अपने पसंदीदा ब्रांड की शराब के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। जबकि बियर के शौकीन लोगों को अब सस्ते में बियर मिल जाएगी क्योंकि बॉटल बियर की कीमतों में अगले माह से कमी आएगी।

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हालांकि ड्राट बियर महंगी होगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने सोमवार को वर्ष 2014-15 केलिए घोषित नई आबकारी नीति की अधिसूचना जारी कर दी जो कि 1 जून से प्रभावी होगी। नई एक्साइज पॉलिसी सिर्फ दस महीनों के लिए 1 जून से 31 मार्च, 2015 तक ही प्रभावी रहेगी। यूटी के प्रशासक शिवराज पाटिल ने नई एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दी है।
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नई एक्साइज पॉलिसी के लागू हो जाने के बाद चंडीगढ़ और पंजाब में शराब के रेट लगभग बराबर हो जाएंगे क्योंकि एक्साइज ड्यूटी और रिजर्व प्राइस में बढ़ोतरी हुई है। यह कदम घाटा कम करने के लिए उठाया गया है।

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ये होगी शराब की नई कीमत

New Excise Policy in chandigarh: expensive wine, beer cheaper

नई पालिसी आने से चंडीगढ़ के मुकाबले पंचकूला में शराब सस्ती हो जाएगी, जिससे स्मगलिंग के चांसेस भी बढ़ जाएंगे। आईएमएफएल, ड्राट बीयर और इंपोर्टेड लिकर और वाइन पर एक्साइज ड्यूटी के 10 से 25.50 फीसदी बढ़ने से शराब के महंगे ब्रांड और महंगे हो जाएंगे।

ब्रांडेड शराब की बोतलों पर 300 से 500 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे। साथ ही आईएमएमएल कैटेगरी की बोतल भी 50 से 150 रुपये तक महंगी हो जाएगी। सस्ती आईएमएफएल की कीमत को भी 17 प्रतिशत और बॉटल बियर की कीमत को 50 फीसदी तक कम किया गया है।

नई एक्साइज पॉलिसी में लिकर पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। लिकर शॉप्स की असेसमेंट फीस को 33 प्रतिशत कम किया जाएगा।

लिकर माफिया पर नियंत्रण

New Excise Policy in chandigarh: expensive wine, beer cheaper

आईएमएफएल पर एक्सपोर्ट फीस एक रुपये के हिसाब से लगेगी। देसी शराब पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लिकर माफिया पर नियंत्रण रखने के लिए भी नई एक्साइज पॉलिसी में कदम उठाए गए हैं।

इसके तहत आबकारी विभाग बिड करने वालों की वेटिंग लिस्ट भी बनाएगा और यदि बिड करने वाले सरेंडर कर देता है तो उसे सबसे ज्यादा बिड करने वाले दूसरे ठेकेदार को दे दिया जाएगा। नई एक्साइज पॉलिसी में शराब के ठेकों की संख्या को कम कर दिया गया है।

इसकी संख्या अब 217 की जगह 173 होगी। पिछले साल आबकारी विभाग ने 217 शराब के ठेकों की नीलामी की थी। हालांकि इसमें से कई ठेके नीलाम नहीं हो पाए थे।

कम्युनिटी सेंटर के लिए भी लेना होगा लाइसेंस

New Excise Policy in chandigarh: expensive wine, beer cheaper

शराब ठेके लेने वालों की मांग पर यूटी प्रशासन ने शराब के कोटे को कम कर दिया है। देसी शराब का ओवरऑल वार्षिक कोटा 27 लाख प्रूफ लीटर्स से कम कर 10.82 लाख लीटर कर दिया गया है। जबकि आईएमएफएल का वार्षिक कोटा 200 लाख प्रूफ लीटर से कम कर 83.23 लाख प्रूफ लीटर कर दिया गया है।

पहली बार एक्साइज पॉलिसी में यह प्रावधान किया गया है कि लाइसेंस फीस के आधार पर ही कोटा तय किया जाए। नई एक्साइज पॉलिसी में पहली बार एल-5डी के नाम पर नया लाइसेंस का प्रावधान किया गया है। इसके लिए कम्युनिटी सेंटरों या मैरिज हॉल में शादी या कोई अन्य समारोह में शराब सर्व करने के लिए नगर निगम को 30 हजार रुपये की सालाना फीस जमा करवानी होगी।

नगर निगम अब यह फीस कम्युनिटी सेंटर बुक कराने वाले लोगों से वसूलेगा जो कि शराब सर्व करेंगे। डिपार्टमेंटल स्टोर की लाइसेंस फीस बढ़ाकर 10 लाख कर दी गई है जबकि बाकी के लाइसेंसों की लाइसेंस फीस 11 से 16 फीसदी बढ़ाई गई है।

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