कैप्टन ने दिए नवजोत सिद्धू की छुट्टी के संकेत, बोले- वह काम नहीं करना चाहते हैं तो मैं क्या करूं
स्थानीय निकाय विभाग छीनकर बिजली विभाग दिए जाने से नाराज नवजोत सिंह सिद्धू ने सोमवार को अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सरकारी निवास पर भेज दिया। इसकी जानकारी खुद सिद्धू ने ट्वीट कर दी है।
इससे पहले सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इस्तीफा सौंपा था। इस संबंध में कैप्टन से पूछने पर उन्होंने कहा कि अगर सिद्धू अपना काम नहीं करना चाहते तो वह इसमें कुछ नहीं कर सकते। मंत्री को धान के सीजन के महत्वपूर्ण मौके पर अपना काम बीच में छोड़ने के बजाए विभाग संभालना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सिद्धू को जो विभाग दिया गया था, उसे स्वीकार करके उन्हें काम करना चाहिए था।
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिष्टाचार बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन ने कहा कि जरनल की ओर से सौंपा गया काम करने से एक सिपाही कैसे इंकार कर सकता है। अगर सरकार की कार्रवाई कारगर ढंग से चलानी है तो इसमें कुछ अनुशासन भी होना चाहिए। यह पूछे जाने पर क्या सिद्धू ने फिर सुलह की कोशिश की है? मुख्यमंत्री ने कहा- इसकी कोई जरूरत नहीं है।
अगर सिद्धू को मुझसे कोई समस्या है तो उनसे इस बारे में पूछो: अमरिंदर
उन्होंने कहा कि मेरा सिद्धू से कोई मतभेद नहीं है। अगर उन्हें मुझसे किसी तरह की कोई समस्या है तो आप इस बारे में उनसे ही पूछो। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान 17 में से 13 मंत्रियों के विभाग बदले थे।
केवल सिद्धू का ही विभाग नहीं बदला गया था। फिर भी कोई समस्या थी तो सिद्धू को पहले अपना विभाग संभालना चाहिए था। उसके बाद समस्या सुलझाई जा सकती थी। फेरबदल का फैसला मंत्रियों की कार्यशैली के आधार पर ही लिया गया था।
बिजली की स्थिति पर मुझे रखनी पड़ रही है नजर: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धू को बहुत अहम बिजली विभाग दिया गया था। इसकी धान के सीजन के दौरान जून से अक्तूबर माह के बीच महत्ता और भी बढ़ जाती है। पंजाब के कई हिस्सों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है और बिजली की स्थिति पर रोजाना निगरानी रखने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह काम अब वह खुद कर रहे हैं।
कांग्रेस प्रधान को इस्तीफा भेजना गलत नहीं : कैप्टन
सिद्धू की ओर से इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे जाने के सवाल पर कैप्टन ने कहा कि इसमें कुछ गलत नहीं है। मंत्रिमंडल का फैसला कांग्रेस हाईकमान की सलाह से किया जाता है। इसलिए उनका पार्टी प्रधान को इस्तीफा भेजना ठीक है।
सिद्धू के इस्तीफे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि इस्तीफा चंडीगढ़ में उनके आवास पर भेज दिया गया है लेकिन उन्हें अभी यह इस्तीफा देखना है। वह इस संबंध कोई भी टिप्पणी करने से पहले इस्तीफा पढ़ेंगे।
मैंने सिद्धू की पत्नी को टिकट का विरोध नहीं किया: कैप्टन
मुख्यमंत्री ने नवजोत सिद्धू और उनकी पत्नी द्वारा लोकसभा चुनाव में नवजोत कौर सिद्धू की उम्मीदवारी के बारे में दिए बयान पर नाखुशी जाहिर की। कैप्टन ने कहा कि उन्होंने कभी नवजोत कौर सिद्धू की उम्मीदवारी का विरोध नहीं किया।
उन्होंने सुझाव दिया था कि उन्हें बठिंडा से चुनाव लड़ना चाहिए लेकिन नवजोत सिद्धू ने पार्टी को बताया कि नवजोत कौर सिद्धू चंडीगढ़ से चुनाव लड़ने की इच्छुक हैं। कैप्टन ने कहा कि टिकट देने का फैसला आलाकमान को करना होता है।